भास्कर न्यूज। महासमुंद वनपरिक्षेत्र पिथौरा के बगारपाली जंगल (कक्ष क्रमांक 211 व 212) में इन दिनों वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दर्जनों जंगली सुअरों की रहस्यमयी मौत ने जहां वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है, वहीं मामले को मैनेज करने की कोशिश में जुटी वन रक्षक डिलेश्वरी दीवान को निलंबित कर दिया गया है। इसको लेकर भास्कर ने 7 फरवरी के अंक में खाने में जहर मिलाकर 10 जंगली सुअर का शिकार किया, फिर इन सभी को जमीन में दफन कर दिया शीर्षक से खबर प्रकाशित किया। खबर लगने के बाद विभाग के अफसर हरकत में आए। मामले में चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब यह पता चला कि स्थानीय वन रक्षक ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए चौकीदारों पर दबाव बनाया और बिना किसी उच्च अधिकारी (रेंजर, एसडीओ या डीएफओ ) को सूचना दिए, मृत सुअरों को चुपचाप जंगल में ही दफन करवा दिया। यह कदम न केवल लापरवाही है, बल्कि वन्य प्राणी नियमों का खुला उल्लंघन भी है। इतनी बड़ी संख्या में वन्य प्राणियों की मौत और उन्हें आनन-फानन में दफनाने की घटना ने कई गंभीर संदेह पैदा कर दिए हैं।


