बूंदी के लाखेरी इंदरगढ़ इलाके में नाले में मिले लेपर्ड के आठ माह के शावक के शव का सोमवार को पोस्टमॉर्टम कर दिया गया। लोनाबा धाम के करीब जंगल में लोगों ने लेपर्ड के शावक का शव देखा था, जिसके बाद फॉरेस्ट विभाग ने शव को कब्जे में ले लिया था। ऐसा माना जा रहा है कि किसी बड़े वन्य जीव के हमले से लेपर्ड के शावक की मौत हुई होगी। लाखेरी इंदरगढ़ के बीच लोनाबा व गढ़वाला के जंगल के नाले में रविवार को लेपर्ड के एक आठ माह के शावक का शव मिला। मौके पर बड़े लेपर्ड के पग मार्क और संघर्ष के निशान मिले। पास ही में एक गाय मृत मिली। इसके चलते आशंका है कि बडे़ लेपर्ड ने गाय का शिकार किया होगा। उसी दौरान शावक भी संघर्ष होने से घायल हो गया होगा। फॉरेस्ट विभाग ने शावक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर अंतिम संस्कार करवाया है। इंदरगढ वन्य जीव रेंज अधिकारी जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि रविवार देर शाम लेपर्ड के शावक का शव मिला था। कुछ लोग जंगल में स्थित बालाजी मंदिर आए थे। उन लोगो ने शव देखा तो सूचना दी। रात होने पर सोमवार को शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर अंतिम संस्कार किया है। शावक के गले व अन्य जगहों पर बड़े वन्य जीव के हमले के निशान है। ऐसी आशंका है कि बडे़ वन्य जीव से संघर्स संघर्ष के दौरान शावक की घायल होने से मौत हुई होगी। कंटेंट: ओमपाल सिंह


