लुधियाना के जगराओं ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव को लेकर सोमवार को बीडीपीओ कार्यालय में बुलाई गई बैठक स्थगित कर दी गई। बैठक को यह कहते हुए टाला गया कि समय की कमी के कारण सभी सदस्यों को सूचना नहीं भेजी जा सकी थी। इस स्थगन के बाद विपक्षी दलों, कांग्रेस और अकाली दल ने इसे ‘प्लान्ड ड्रामा’ करार दिया। बैठक का एजेंडा ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव था। कांग्रेस, अकाली दल और निर्दलीय सदस्य निर्धारित समय पर पहुंच गए थे, लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य अनुपस्थित रहे। कुछ नेताओं ने तर्क दिया कि उन्हें बैठक की सूचना नहीं मिली थी। हालांकि, ‘आप’ विधायक सरबजीत कौर मानूके स्वयं बैठक में मौजूद थीं। इस पर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि विधायक को बैठक की जानकारी थी, तो पार्टी के अन्य सदस्यों को सूचना क्यों नहीं मिली होगी? इसी मुद्दे पर कांग्रेस और अकाली नेताओं ने ‘आप’ सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाए। इन आरोपों को सुनकर विधायक सरबजीत कौर मानूके भड़क गईं और उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि किस गांव को ग्रांट नहीं मिली और कहां विकास कार्य नहीं हो रहे हैं? इस दौरान अकाली दल के पूर्व विधायक शिवराम कलेर भी आक्रोशित हो गए। उन्होंने कहा कि ‘आप’ काम करे या न करे, उन्हें इससे कोई सरोकार नहीं है, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करना गलत है। ऐसे रद्द की गई चेयरमैन के चुनाव की बैठक सूत्रों के अनुसार, बैठक की सूचना देने की जिम्मेदारी सचिव की थी। कांग्रेस के जिला प्रधान मेजर सिंह ने कहा कि उन की पार्टी को कुछ सदस्यों कोई मैसेज नहीं मिला, फिर भी उनके सभी सदस्य मीटिंग में पहुंचे। लेकिन मीटिंग की सूचना न मिलने का हवाला देते हुए बैठक स्थगित कर दी गई और दोबारा बैठक बुलाने का फैसला लिया गया। साथ ही, सचिव को नोटिस जारी करने की बात कही गई। एसडीएम के माध्यम से बीडीपीओ को नोटिस भेजा गया और बीडीपीओ ने आगे सचिव से जवाब तलब किया। उधर कांग्रेस और अकाली दल मीटिंग करवाने पर अड़े रहे, लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई।
ऐसे समझें गणित – किसके हाथ में गेम?
ब्लॉक समिति की संख्या का गणित बेहद दिलचस्प है:
कुल 25 ब्लॉक समिति सदस्य
आप – 8 सदस्य
कांग्रेस – 7 सदस्य
अकाली दल – 4 सदस्य
आजाद सदस्य – 6
आजाद सदस्यों के हाथ चेयरमैन बनाने की चाबी
इस पूरे खेल की चाबी आजाद सदस्यों के हाथ में है। बताया जा रहा है कि कुछ आजाद सदस्य पहले कांग्रेस से जुड़े थे, लेकिन टिकट न मिलने के कारण उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर टिकट न देने वाले नेताओं को अपनी ताकत दिखाई।
अगर सभी आजाद सदस्य कांग्रेस को समर्थन देते हैं तो कांग्रेस आसानी से अपना चेयरमैन और वाइस चेयरमैन बना सकती है। लेकिन यदि समर्थन बंट गया तो स्थिति उलझ सकती है।हालांकि कांग्रेस दावा कर रही है कि सभी आजाद सदस्य उनके साथ हैं, लेकिन असली तस्वीर अगली बैठक में ही साफ होगी। फिलहाल जगराओं की सियासत में चेयरमैन की कुर्सी को लेकर घमासान चरम पर है।
छुट्टी वाले दिन रिपोर्ट भेजी
वही दूसरी और एसडीएम दफ्तर से जारी लेटर के मुताबिक 24 घंटे पहले सभी सदस्यों को मीटिंग सबंधी नोटिस करवाया जाए लेकिन हैरानी की बात यह रही कि छुट्टी वाले दिन रविवार को एक मार्च को विभाग को रिपोर्ट मिली थी कि समय की कमी के कारण सभी ब्लॉक समिति सदस्यों को बैठक सबंधी नोटिस नही करवाया अब कांग्रेस व अकाली दल ने सवाल उठाया कि रविवार को नोटिस कहा से निकाल कर एसडीएम को सूचना दी गई और रविवार को एसडीएम साहिब दफ्तर में नोटिस हासिल करने कब आए थे


