लुधियाना जिले के जगराओं में 22 फरवरी को स्थानीय विधायक के आवास के बाहर प्रस्तावित किसान धरने को लेकर अनाज मंडी में मजदूर यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आम आदमी पार्टी की विधायक के निवास के बाहर होने वाले प्रदर्शन में मजदूर बड़ी संख्या में भाग लेंगे और किसान संघर्ष का खुलकर समर्थन करेंगे। बैठक की अध्यक्षता गल्ला मजदूर यूनियन के प्रधान देव राज ने की। इस दौरान रेवोल्यूशनरी सेंटर पंजाब के जनरल सेक्रेटरी कंवलजीत खन्ना ने मजदूरों को संबोधित किया। खन्ना बोले- अमेरिका से व्यापार समझौता हानिकारक खन्ना ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौता देश के किसानों और मजदूरों दोनों के लिए हानिकारक साबित होगा। उन्होंने आशंका जताई कि विदेशी अनाज के आयात से मंडियां बंद हो सकती हैं, जिससे किसानों की फसल की कीमतें प्रभावित होंगी और मंडियों में काम करने वाले हजारों मजदूरों का रोजगार भी छिन सकता है। खन्ना ने मजदूरों की आजीविका पर सवाल उठाते हुए कहा कि डेढ़ महीने की मेहनत से कमाई करने और बाकी महीनों मुश्किलों में गुजर-बसर करने वाले मजदूर बिजली का रिचार्ज और घर का खर्च कैसे चलाएंगे? खन्ना ने आरोप लगाया कि संसद में पारित किया जा रहा इलेक्ट्रिसिटी एक्ट गरीबों से सस्ती बिजली का अधिकार छीन लेगा और कृषि व्यवस्था पर कॉर्पोरेट घरानों का कब्जा बढ़ाएगा। मजदूर वर्ग को असुरक्षित करने का आरोप कंवलजीत खन्ना ने यह भी कहा कि मनरेगा और श्रम कानूनों को कमजोर करके मजदूर वर्ग को असुरक्षित किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य का जिक्र करते हुए उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों की आलोचना की और कहा कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ से जुड़े फैसलों पर आपत्ति जताई है। खन्ना ने केंद्र सरकार और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर मजदूर-विरोधी और किसान-विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाया। इस बैठक में यूनाइटेड फार्मर्स एंड वर्कर्स फ्रंट ने भी विधायक निवास के सामने होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान किया। इस अवसर पर अवतार सिंह तारी, सोनू चौधरी, फला चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित थे। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेंगे और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे।


