लुधियाना जिले के जगराओं के गांव अखाड़ा में बायोगैस फैक्ट्री को बंद कराने के लिए चल रहे संघर्ष को 13 महीने पूरे हो गए हैं। अखाड़ा, भूंदड़ी, मुश्काबाद और भोगपुर गांवों के प्रतिनिधि आज हाईकोर्ट पहुंचे। लंबा इंतजार करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो सकी। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को इन फैक्ट्रियों को मिले अनापत्ति प्रमाण पत्रों की जांच करने और हलफनामा दाखिल करने को कहा था, लेकिन सुनवाई न होने से मामला फिर टल गया। फैक्ट्री के सामने मार्च निकाला अखाड़ा गांव में फैक्ट्री के सामने आज विरोध मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं शामिल हुए। सभा को क्रांतिकारी केंद्र पंजाब और संघर्ष मोर्चा के नेता कंवलजीत खन्ना ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन समाधान की कोशिश कर रहा है, लेकिन स्थायी हल तभी निकलेगा, जब पंजाब सरकार फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द करेगी। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों ने सरकारी विशेषज्ञों के साथ चार बैठकें की। मालिकों के हक में सरकार बैठकों में साबित किया गया कि ये फैक्ट्रियां पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। विशेषज्ञों ने माना कि ये कैंसर गैस फैक्ट्रियां हैं। कंवलजीत खन्ना ने कहा कि अखाड़ा और भूंदड़ी की फैक्ट्रियां नियमानुसार तीन सौ मीटर की सीमा से बाहर नहीं हैं। ये गांवों के बहुत पास हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। पुलिस ने अखाड़ा, भूंदड़ी, मुश्काबाद और बग्गा कलां में हिंसा की। भोगपुर में 150 लोगों पर केस दर्ज किया। इससे साफ है कि सरकार फैक्ट्री मालिकों के साथ खड़ी है। किसान मोर्चा निकालेगा रैली किसान नेता गुरतेज सिंह अखाड़ा ने कहा कि संघर्ष मोर्चों और पुलिस अत्याचार के खिलाफ जगराओं अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा की विशाल रैली होगी। इसमें पूरा गांव भाग लेगा। उन्होंने मांग की कि संगरूर के बेगमपुरा को बसाने गए मजदूरों पर अत्याचार करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो। लुधियाना और अन्य शहरों में शहरी राज्य बनाने के अधिनियम को सरकार वापस ले। संगरूर के बेगमपुरा में गिरफ्तार मजदूरों को बिना शर्त रिहा किया जाए। भूमि अधिग्रहण के आदेश रद्द की मांग लुधियाना जिले के करीब 40 गांवों में ग्लाडा द्वारा भूमि अधिग्रहण के आदेश रद्द किए जाए। सभा में कुंडा सिंह काउंके, सुखजीत सिंह, जगदेव सिंह, दर्शन सिंह, स्वर्ण सिंह, मनिंदर सिंह, जसवीर सिंह, बलजीत कौर, सरबजीत कौर सहित कई लोग मौजूद रहे।


