लुधियाना के जगराओं के कमल चौक के पास लगने वाले वार्षिक रोशनी मेले का पहला दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ शुरू हुआ। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने भी आप नेता गोपी शर्मा के साथ बाबा मोहकदीन दरगाह और माई जीना में माथा टेका। भीड़ को देखते हुए बड़े वाहनों पर रोक वहीं श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने व्यवस्था संभाली। बड़े वाहनों पर रोक लगा दी गई। श्रद्धालुओं को दरगाह तक पहुंचने के लिए आधा किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। धर्मशाला की कमी के कारण बाहर से आए ज्यादातर श्रद्धालु वापस लौटने को मजबूर हैं। मेले में दिखा महंगाई का असर मेले में महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। झूला व्यवसायी असल्म करीम ने बताया कि पहले सरकारी जमीन पर कम फीस में झूले लगाए जाते थे। अब निजी जमीन के ऊंचे किराए के कारण झूलों के रेट बढ़ाने पड़े हैं। महंगाई से पहले से ही परेशान लोग झूलों का आनंद लेने से कतरा रहे हैं। इस वजह से मेले में झूले और सर्कस की संख्या हर साल घट रही है। फिर भी उन्होंने चार तरह के झूले लगाए हैं, ताकि खर्च निकल सके। लोगों में हर साल मेले का आकर्षण हो रहा कम चौकी भरने वाले लोग दरगाह में रुककर अपनी मनोकामनाओं की दुआ कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की लंबी कतारें सड़क तक पहुंच गई। मेले की रौनक बरकरार है, लेकिन मनोरंजन के साधनों पर खर्च करने में लोग संकोच कर रहे हैं। बाहर से जगराओं मेला लगाने आए लोगों का कहना है कि पहले सरकारी जमीन पर मेला लगता था। तो सरकारी फीस से काम चल जाता था। अब सरकारी जमीन ना होने के कारण किराये की जमीन पर मेला लगाना पड़ता है जिसके चलते उन्हें लाखों रुपए किराया देना पड़ता है। जिसका बोझ ग्राहक पर ही पड़ता है। इसी कारण लोगों में हर साल मेले का आकर्षण कम हो रहा है। पुलिस ने बनाया रोड मैप जगराओं रोशनी के मेले के पहले दिन ही हजारों की तादाद में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण दरगाह के आगे लाइन लग गई। वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने ट्रैफिक समस्या से निजात पाने के लिए रेड मैप तैयार किया है। पुलिस ने रायकोट रोड से आने वाले लोगों के लिए चुंगी नंबर पांच से ही बायपास की तरफ से निकालना शुरू कर दिया ताकि बड़े वाहन शहर के अंदर दाखिल ही न हो सकें। वहीं बस स्टैंड की तरफ से आने वाले लोगों को रानी झांसी चौक से रायकोट की तरफ मोड़ दिया। शहर के अंदर झांसी चौक से लेकर कमल चौक तक वन वे कर दिया। इतना ही नहीं गांव जाने वाले वाहनों को मंडी से डिस्पोजल रोड या फिर नानकसर रोड की तरफ से निकाला जा रहा है। मंडी के लोगों के लिए पुल उतरते ही लिंक रोड से रास्ता निकाला है। जाम के कारण स्कूली बच्चे परेशान कौंसिल दफ्तर से लेकर कमल चौक तक रास्ता पैदल यात्रियों के रखा है, जिसके कारण एक किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गई। ट्रैफिक जाम के कारण स्कूली बच्चों समेत लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


