लुधियाना जिले के जगराओं शहर में प्रसिद्ध रोशनी मेले की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन इसके शुरू होने से पहले ही अवैध वसूली का एक बड़ा मामला सामने आया है। मेले में सड़क पर दुकानें लगाने का काम शुरू हो चुका है।वहीं यह खुलासा तब हुआ जब 24 फरवरी से शुरू होने वाले मेले के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था के लिए नगर कौंसिल के अधिकारी सड़क पर किए गए अवैध कब्जे हटाने पहुंचे। इस दौरान एक दुकानदार ने अधिकारियों को बताया कि उसने सड़क किनारे दुकान लगाने के लिए एक स्थायी दुकानदार को 30 हजार रुपए दिए हैं। दुकानदारों से हो रही अवैध वसूली बता दे कि सब्जी मंडी रोड पर मेले के दौरान सड़क किनारे दुकानें लगाने के लिए कुछ दुकानदारों द्वारा खुलेआम रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। नगर कौंसिल द्वारा सरकारी जगह पर दुकान लगाने के लिए केवल एक हजार रुपए की पर्ची काटी जाती है, जो जगह के आकार के अनुसार अधिकतम 5 हजार रुपए तक हो सकती है। 30 हजार की हुई वसूली हालांकि, हकीकत यह है कि जिन दुकानों के आगे अस्थायी टेंट लगाकर दुकानें सजाई जाती हैं, वहां के कुछ स्थायी दुकानदार अपनी दुकान के आगे जगह देने के बदले 30 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। इस अवैध वसूली से जहां दुकानदारों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है, वहीं सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। 24 से 26 फरवरी तक चलेगा रोशनी मेला रोशनी मेला 24 फरवरी से 26 फरवरी तक चलेगा, जिसमें हर साल पंजाब भर से बड़ी संख्या में व्यापारी और श्रद्धालु पहुंचते हैं। शहर के लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन इस अवैध वसूली के नेटवर्क पर कार्रवाई करेगा या यह खुली लूट जारी रहेगी? यह ‘वसूली का खेल’ अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। कौंसिल अधिकारी हरीश कुमार ने इस संबंध में बताया कि उन्होंने अवैध रूप से लगी दुकान हटवा दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कौंसिल पर्ची काटेगी तो जगह उपलब्ध करवा कर दी जाएगी।


