चंडीगढ़ सीबीआई की विशेष अदालत ने बठिंडा में जज के नाम पर 30 लाख रुपये रिश्वत मांगने के मामले में आरोपी बिचौलिए सतनाम सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर हैं और जमानत देने से न्यायिक प्रणाली में जनता का विश्वास प्रभावित हो सकता है। सीबीआई के अनुसार, बठिंडा में चल रहे एक तलाक केस में फैसले को प्रभावित करने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले में सेक्टर-15 निवासी वकील जतिन सलवान और बुटेरला निवासी सतनाम सिंह को 14 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों ने जज से जान-पहचान होने का हवाला देकर 30 लाख रुपये की मांग की थी। सीबीआई ने अदालत को बताया कि रिश्वत की रकम सतनाम सिंह की गाड़ी से बरामद हुई, जो उसके बेटे के नाम पर है। एजेंसी के मुताबिक, आरोपी साजिश में पूरी तरह शामिल था और उसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी। इसलिए जमानत का विरोध किया गया। वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि सतनाम सिंह को झूठा फंसाया गया है और उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हालांकि अदालत ने दलीलों को खारिज करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। बठिंडा के जज के नाम पर मांगी थी रिश्वत फिरोजपुर निवासी हरसिमरनजीत सिंह ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि उसकी चचेरी बहन का तलाक का केस बठिंडा कोर्ट में चल रहा है। इस दौरान उसकी मुलाकात सेक्टर-15 निवासी एडवोकेट जतिन सलवान से हुई। सलवान ने दावा किया कि उसकी बठिंडा के कुछ जजों से अच्छी पहचान है और वह उसकी बहन के हक में फैसला करवा सकता है। इसके एवज में सलवान ने 30 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। ट्रैप में पकड़े गए थे सलवान और सतनाम हरसिमरनजीत ने तुरंत इसकी सूचना सीबीआई को दी, जिसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर सलवान और उसके साथी सतनाम सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के वक्त उनके पास रिश्वत की पहली किस्त के रूप में चार लाख रुपए बरामद किए गए थे। सीबीआई के पास हैं ठोस सबूत सीबीआई का दावा है कि इस मामले में उनके पास पुख्ता सबूत हैं। जांच एजेंसी के पास सलवान की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है, जिसमें वह रिश्वत मांगते हुए कहते हैं— “रिश्वत दे पैसे कदी घट नहीं हुंदे” (रिश्वत के पैसे कभी कम नहीं होते)। एजेंसी के अनुसार, यह रिकॉर्डिंग केस को मजबूत बनाने में अहम सबूत है। पहले भी जा चुके हैं जेल एडवोकेट जतिन सलवान का आपराधिक इतिहास भी रहा है। साल 2016 में चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें एक केस में गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने एक कारोबारी सुखबीर सिंह शेरगिल के ड्राइवर को 2.6 किलो अफीम और 15 लाख रुपए की जाली करेंसी के साथ पकड़ा था। जांच में पता चला कि शेरगिल को फंसाने के लिए यह सामान उसकी गाड़ी में रखवाया गया था। इस साजिश में सलवान का नाम भी सामने आया था, जिसके बाद उन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। यह मामला फिलहाल पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है।


