जज ने किया रैन बसेरों का निरीक्षण:एडीजे किशोर तालेपा बोले- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, ठंड के कारण किसी की भी मौत ना हो

जैसलमेर में इन दिनों सर्दी का असर तेज हो गया है। बढ़ती सर्दी को देखते हुए सड़क किनारे कड़ाके की सर्दी में सो रहे लोगो की चिंता अब देश की न्यायपालिका को सताने लगी है। जिसको देखते हुए बीती रात विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव (एडीजे) किशोर तालेपा खुद सड़क पर उतर कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का प्रयास करते दिखे, ताकि कोई भी ठंड से ना कंपकपाए और न ही ठंड की वजह से किसी की मौत हो। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव किशोर तालेपा ने शहर में स्थित हनुमान चौराहे के रैन बसेरे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रजिस्टर की जांच के साथ साथ वहां मिल रही सुविधाओं का भी आकलन किया। इसके साथ ही व्यवस्थापक को व्यवस्थाओं को और भी बेहतर करने के निर्देश दिए। हनुमान चौराहे के रैन बसेरे का किया निरीक्षण एडीजे एवं विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव किशोर तालेपा ने बताया- हनुमान चौराहे पर स्थित रैन बसेरे में सभी मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मौसम के अनुकूल पर्याप्त मात्रा में दरी, गद्दे, चादर-तकिया, कम्बल, रजाई, पीने योग्य पानी की उपलब्धता की जांच की गई। इस दौरान काफी हद तक व्यवस्थाएं सही पाई गई। उन्होंने वहां मौजूद व्यवस्थापक को निर्देश भी दिए। सफाई और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कमरे की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्नान के लिए मौसम अनुकूल पानी की व्यवस्था, प्राथमिक स्वास्थ्य किट, न्यूनतम दरों पर भोजन व्यवस्था, बीमार व्यक्तियों को समुचित व्यवस्था आदि का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। ठंड के कारण किसी की मौत ना हो- एडीजे विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (एडीजे) किशोर तालेपा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश अनुसार सभी रेन बसेरों का निरीक्षण किया गया। इसमें रैन बसेरे में बढ़िया व्यवस्थाएं पाई गई है। साथ ही सभी लोगों को रात में सोने के लिए भी बढ़िया चीजें उपलब्ध करवाई गई है। जो कमियां मिली है उसे अब अगले निरीक्षण तक सुधार करने के निर्देश भी दिए है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा निर्देश है कि आजादी के बाद कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे ना सोए। अभी चल रहे ठंड के मौसम में किसी की मौत नहीं होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट जो भी कहती है वह सख्त कानून होते हैं। अगर कानून की अवहेलना की जाएगी तो उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

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