राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार इस साल कोटा की चौथी व साल की आखिरी राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। कोर्ट परिसर के एडीआर सेंटर ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से वादों का निस्तारण किया जा रहा है। लोक अदालत से भाईचारा बढ़ता है जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण व्यास ने कहा कि जिन मामलों का राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण होता है। उनमें अपील नहीं की जा सकती। यहां जो फैसला राजीनामे से होता है। इससे परिवादी व अदालत का भी समय बचता है। परिवादी को शीघ्र नहीं मिलता है। लोक अदालत से भाईचारा को बढ़ावा मिलता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटा की सचिव गीता चौधरी ने बताया कि इस बार कुल 15 बेंच लगाई गई है। जिनमें जिला मुख्यालय पर 10 बेंच व 5 ग्रामीण क्षेत्र के रामगंजमंडी, सांगोद, दीगोद व इटावा में लगाई गई है। यहां सुनवाई योग्य करीब 41 हजार से अधिक केस रखे है। लोक अदालत में जिसमें राजस्व विवाद, उपभोक्ता विवाद, चैक अनादरण के मामले, बैंक वसूली मामले, मोटर दुर्घटना मामले, एमएसीटी मामले, पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण मामले, बिजली, पानी, फसल बीमा, जैसे मामलों का काउंसिलिंग के जरिए निपटारा किया जा रहा है।


