भास्कर न्यूज | अमृतसर जनगणना को लेकर 15 मई को हाउस लिस्टिंग शुरू होने से पहले चंडीगढ़ से आई टीम ने प्रशासन-निगम के करीब 70 मुलाजिमों को ट्रेनिंग दिया। डायरेक्टर ऑफ सेंसस ऑफ इंडिया सतिंदर प्रसाद व असिस्टेंट डायरेक्टर सेंसस ओमबीर मलिक और नोडल अफसर अरविंद नेगी ने कर्मियों को जनगणना से जुड़ी जानकारियां विस्तार से दी। साथ ही सवालों का जवाब दिया। पोर्टल पर किस तरह से वर्किंग करेंगे इस बारे बताया गया। दरअसल, पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। 33 तरह के कॉलम इस बार भरने होंगे। जिसमें बिल्डिंग नंबर (म्युनिसिपल या लोकल अथॉरिटी या सेंसस नंबर), सेंसस हाउस नंबर, सेंसस हाउस के फर्श का मुख्य मटीरियल, सेंसस हाउस की दीवार का मुख्य मटीरियल, सेंसस हाउस की छत का मुख्य मटीरियल, घर का नंबर, रहने वाले कुल लोगों की संख्या, मुखिया का नाम-जेंडर व अन्य शामिल हैं। स्पेशल ट्रेनर्स ने बताया कि जल्द न्यूमरेटर की ड्यूटी लगा दी जाएगी ताकि तय समय पर हाउसलिस्टिंग का काम शुरू कराया जा सके। इस मौके पर एडीसी जनरल रोहित गुप्ता, जिला सेंसस अफसर अरुण महाजन, केंटोनमेंट बोर्ड सीईओ रिद्धी, असिस्टेंट कमिश्नर विशाल वधावन, राजिंदर शर्मा, लवलीन, सभी तहसीलदार व अन्य मौजूद रहे। शनिवार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक पोर्टल पर न्यूमरेटर के आई बनाने के बारे जानकारी दी जाएगी। गौर हो कि 6 न्यूमरेटर (हाउसलिस्टिंग में जिनकी ड्यूटी) लगेगी, ऊपर एक सुपरवाइजर होगा। दोनों की आईडी अलग-अलग बनेगी। शहर में 7 टेक्निकल असिस्टेंट तो रुरल में 15 लगाए जाएंगे। बता दें कि शहर में जनगणना की जिम्मेदारी निगम तो रूरल इलाकों में जिला प्रशासन की होगी। वहीं, वार्डों में ब्लॉक बनाने का काम भी जोरों पर शुरू कराया जा चुका है। ताकि हाउस-लिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू होने से पहले रिपोर्ट चंडीगढ़ हेडऑफिस भेजी जा सके। फिलहाल, सबसे चुनौती इस समय निगम के लिए 85 वार्डों में ब्लॉक बनाया जाना है। चूंकि अब तक किसी भी वार्ड में कोई ब्लॉक बनाकर तैयार नहीं किया जा सका है। बता दें कि सूबे में जनगणना का पहला फेज अब 1 अप्रैल की बजाय 15 मई से शुरू होना है। अमृतसर निगम ने 85 वार्डों में ब्लॉक बनाकर रिपोर्ट भेजने के लिए 45 जेई की ड्यूटी लगाई थी मगर एक माह में एक भी वार्ड में ब्लॉक नहीं बना पाए थे। फिर 15 फरवरी को 11 अफसरों को 5 जोनों में वार्डवाइज कमान सौंपी गई थी।


