भास्कर न्यूज | अमृतसर जनगणना को लेकर असिस्टेंट डायरेक्टर स्वदेश प्रताप सिंह चंडीगढ़ सेंसस के निर्देशन में अफसरों-मुलाजिमों को दूसरे दिन न्यूमरेटर की आईडी कैसे बनाई जाएगी और न्यूमरेटर का क्या काम होगा। इस बारे विस्तार से बताया गया। मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल कराई जाएगी। जिसमें दो तरह के प्लेटफॉर्म का उपयोग होगा। एक तो सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएमएस) पोर्टल जिसमें अफसरों-पर्यवेक्षकों व न्यूमरेटर का डेटा रजिस्टर किया जाता है। दूसरा सेंसस डिजिटल ऐप। जिसका उपयोग न्यूमरेटर घर-घर जाकर डेटा भरने के लिए करेंगे। न्यूमरेटर खुद अपनी आईडी नहीं बना सकते क्योंकि यह प्रक्रिया ऊपर से नीचे चलती है। ऐसे में सबसे पहले निगम या संबंधित तहसील के चार्ज ऑफिसर (जैसे डीसी या तहसीलदार) उन कर्मचारियों की सूची तैयार करते हैं जिन्हें न्यूमरेटर नियुक्त किया जाना है। इन कर्मचारियों का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और आधार व अन्य विवरण सीएमएमएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। िफर उच्च अधिकारियों की तरफ से इसका सत्यापन होगा। सत्यापन के बार न्यूमरेटर के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आईडी व पासवर्ड मैसेज जाएगा। जिसका उपयोग कर न्यूमरेटर डिजिटल जनगणना ऐप में लॉ-गिन करेंगे। न्यूमरेटर सबसे पहले जनगणना ब्लॉक का दौरा करेंगे। नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट की सीमाओं को समझना होगा ताकि कोई भी घर छूट न जाए या किसी दूसरे ब्लॉक का घर शामिल न हो जाए। घर के मुखिया से मिलकर प्रश्नावली के अनुसार जानकारी (जैसे सदस्यों के नाम, लिंग, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, व्यवसाय आदि) सीधे ऐप में भरनी होगी। ऐप के डेटा को मुख्य सर्वर पर अपलोड करना होगा। इस मौके पर डायरेक्टर ऑफ सेंसस इंडिया सतिंदर प्रसाद व असिस्टेंट डायरेक्टर सेंसस ओमबीर मलिक, नोडल अफसर अरविंद नेगी एडीसी जनरल रोहित गुप्ता, अरुण महाजन आदि मौजूद थे।


