भास्कर न्यूज | अमृतसर जनगणना को लेकर इस बार 33 तरह के कॉलम भरने का ऑप्शन बनाया गया है। जिले में किस कास्ट के कितने लोग हैं, इसके सटीक आंकड़े पहली बार सामने आएंगे। जनगणना की नई प्रक्रिया के बारे अफसरों-मुलाजिमों को ट्रेनिंग देने के लिए चंडीगढ़ से टीम 27 फरवरी को आएगी जो 28 को लौट जाएगी। ट्रेनिंग में बताया जाएगा कि मोबाइल ऐप में किस तरह से 33 तरह के कॉलम भरे जाने हैं। एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर की आईडी कैसे बनाई जाएगी। इसके अलावा हाउस-लिस्टिंग की जो भी प्रक्रिया है, उस बारे भी विस्तार से बताया जाएगा। करीब 75 अफसरों मुलाजिमों की ट्रेनिंग एकसाथ निगम की बिल्डिंग में कराई जाएगी। ट्रेनिंग में सभी तहसीलदार-नायब तहसीलदार व उनके अधीन कार्यरत क्लर्कों के अलावा निगम के एक्सईएन, एसडीओ और क्लर्क शामिल होंगे। 6 एन्यूमरेटर (हाउस लिस्टिंग में जिनकी ड्यूटी) लगेगी, ऊपर एक सुपरवाइजर होगा। दोनों की आईडी अलग-अलग बनेगी। बता दें कि शहर में जनगणना की जिम्मेदारी निगम तो रूरल इलाकों में जिला प्रशासन की होगी। वहीं, वार्डों में ब्लॉक बनाने का काम भी जोरों पर शुरू कराया जा चुका है ताकि हाउस-लिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू होने से पहले रिपोर्ट चंडीगढ़ हैडऑफिस भेजी जा सके। ट्रेनिंग के दौरान अफसर या मुलाजिम जनगणना से जुड़ा कोई भी सवाल ट्रेनर से पूछ सकेंगे। फिलहाल, सबसे चुनौती इस समय निगम के लिए 85 वार्डों में ब्लॉक बनाया जाना है। चूंकि अब तक किसी भी वार्ड में कोई ब्लॉक बनाकर तैयार नहीं किया जा सका है।


