भास्कर न्यूज | कवर्धा प्रदेश में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन 8 अप्रैल से शुरू होगा। यह आयोजन तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 8 से 11 अप्रैल तक जनता से आवेदन लिए जाएंगे। दूसरे चरण में एक माह के भीतर इन आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे चरण में 5 मई से 31 मई तक समाधान शिविर लगाए जाएंगे। शिविर में मिले हर आवेदन को कोड दिया जाएगा। जिसके लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र ग्रामों और नगरीय निकायों में बांटे जाएंगे। सभी आवेदन पोर्टल में पंजीकृत कर अपलोड किए जाएंगे। वहीं आवेदनकर्ता को पावती दी जाएगी। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सभी कलेक्टरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। कलेक्टर गोपाल वर्मा और जिला पंचायत सीईओ अजय कुमार त्रिपाठी बैठक में शामिल हुए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद कलेक्टर वर्मा ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार से शासन की योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंचेगा। जनता की समस्याओं का समय पर समाधान होगा। बैठक के दौरान बताया गया कि अभियान के तहत आवेदन ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक लिए जाएंगे। समाधान पेटी भी रखी जाएगी, जिसमें लोग अपनी शिकायतें, सुझाव और मांगें डाल सकेंगे। जिला और विकासखंड मुख्यालयों में भी समाधान पेटी की व्यवस्था होगी। साथ ही हाट बाजारों में भी आवेदन लिए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा पोर्टल और कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए मिलेगी। सभी आवेदन स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किए जाएंगे। संबंधित विभागों को ऑनलाइन और भौतिक रूप से भेजे जाएंगे। जिसे संबंधित विभाग के अधिकारी एक माह के भीतर ही निराकरण करेंगे। मांग से जुड़े आवेदन बजट की उपलब्धता के अनुसार सुलझाए जाएंगे। निराकरण की गुणवत्ता का विश्लेषण जिला और राज्य स्तर पर होगा। कलेक्टर ने बताया कि शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। हितग्राही योजनाओं के आवेदन पत्र और प्रपत्र भी मिलेंगे। हर शिविर के लिए एक खंड स्तरीय अधिकारी प्रभारी होंगे। विकासखंड और अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी शिविर में मौजूद रहेंगे। जिला स्तर से भी अधिकारी उपस्थित रहेंगे। नगरीय निकायों में भी यही व्यवस्था रहेगी। आवेदन प्रक्रिया, समाधान की निगरानी और संवाद के लिए विशेष पोर्टल और मोबाइल ऐप्स का उपयोग किया जाएगा। इससे तिहार अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगा।


