कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभा कक्ष में मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में एडीएम एकता जायसवाल ने आमजन की शिकायतों को सुना। हालांकि शिकायत लेकर पहुंचे अधिकांश लोगों का कहना है कि जनसुनवाई में कई गई शिकायतों का समाधान नहीं हो पता। एक ही शिकायत लेकर कई बार जनसुनवाई में आए लोगों ने कहा कि कई बार शिकायत दर्ज करवा चुके है, लेकिन समाधान नहीं होता। मल्हारगढ से आए ज्ञानेश प्रजापति ने बताया कि कई बार जनसुनवाई में फरियाद सुना चुका हूं, आज लौटकर फिर आना पड़ा। सरपंच के खिलाफ मनमानी का आरोप भाटरेवास गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि गांव की सरपंच सीमा बाई गुर्जर सचिव के साथ मिलकर मनमानी कर रही है। गांव में सर्वे नंबर 401 की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण करवाया जा रहा है। इसमें वार्ड पार्षद और पंचों की सहमति भी नहीं ली गई। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। शिकायत के बाद भी निर्माण कार्य जारी है। नियम के खिलाफ काम कर रही बैंक जनसुनवाई में शहर के अक्षय क्रेडिट कोऑपरेटिव बैंक की शिकायत लेकर कई युवा पहुंचे। युवाओं का आरोप है कि बैंक तथ्य छिपाकर ज्वाइंट कमिश्नर उज्जैन से रिकवरी सर्टिफिकेट ले रहा है। बैंक ऋण पर 26 प्रतिशत वार्षिक ब्याज ले रहा है और 24 प्रतिशत वार्षिक पेलेंट्री वसूल रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। पीड़ित रोहित शर्मा ने बताया कि उसने अपना लोन जमा करा दिया लेकिन फिर भी बैंक बकाया बताकर दबाव बना रही है। उसने बताया कि यह उसके अकेले की कहानी नहीं है, ऐसे कई लोग है जो मेरी तरह इस बैंक से पीड़ित है। वहीं, नाथूलाल कथेरिया ने बताया कि अक्षय क्रेडिट कोऑपरेटिव बैंक चक्रवर्ती ब्याज वसूल रही है। पीड़ित ने बताया कि उसने डेढ़ लाख का लोन लिया था 1 लाख 80 हजार जमा करवा चुका हूं। अब भी 1 लाख 83 हजार और बकाया बता रहे है।


