बाजना में दो युवकों की मौत के मामले में आदिवासी समाज द्वारा दबाव बनाकर भांजगड़े (समझौता) कर रुपए की मांग करने व पत्थरबाजी की घटना से आक्रोशित व्यापारियों ने रविवार को बाजना बंद रखा है। रात में आक्रोशित ग्रामीणों को पुलिस ने समझाने की कोशिश की। लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे। आदिवासी ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। तब पुलिस को सख्ती दिखा कर भीड़ को तीतर-बीतर करना पड़ा। इस दौरान पुलिस को आंसु गैस भी छोड़ना पड़ी। बता दें कि शनिवार देर रात तक ग्रामीण भांजगड़े (समझौते) को लेकर मृतकों के परिजन और ग्रामीण अड़े हुए थे। मृतकों के परिजन और ग्रामीण बस संचालक से 40 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। रात में पुलिस ने समझाया तो कुछ ग्रामीण मान गए। बाद में आदिवासी नेता विलेश खराड़ी ने आकर ग्रामीणों के साथ थाने का घेराव कर दिया। रात में ग्रामीण थाने से उठकर बस संचालक के घर के बाहर शव रख कर बैठ गए। रात करीब 1 बजे पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के तहत कार्रवाई की बात कहते हुए फिर समझाया। लेकिन ग्रामीण मानने के लिए तैयार नहीं हुए और पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस को मजबूरन सख्ती दिखा कर सभीं को खदेड़ना पड़ा। इस दौरान पत्थर बाजी में कुछ पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें भी आई है। रविवार सुबह पुलिस की मौजूदगी में दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार भी कर दिया। हालांकि इस घटना को लेकर अभी कोई पुलिस अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं है। पत्थरबाजी के विरोध में पुलिस ने 8 से 10 लोगों को हिरासत में भी लिया है। दबाव के विरोध में बंद किया बाजार
रविवार सुबह बाजना के व्यापारियों ने आए दिन आदिवासी ग्रामीणों द्वारा जबरन दबाव बनाए जाने के विरोध और पत्थरबाजी की घटना को लेकर बाजना बंद कर दिया। सुबह से अपनी दुकान और प्रतिष्ठा नहीं खोलें। पुलिस बल तैनात
घटना के बाद से बाजना में पुलिस बल तैनात है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी नजर बनाए हुए है। इधर सीएम डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दोनों मृतकों के परिवार को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। बाजना में एएसपी राकेश खाखा समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद है। यह था मामला
रतलाम-बाजना मार्ग पर शुक्रवार की रात 9.30 बजे शिवगढ़ से बाजना जा रही बस (एमपी-43 पी- 0288) ने ग्राम छावनी झोड़िया के यहां बाइक सवार कमल (27) पिता रमेश अमलियार और दीपक (25) पिता सुरेश खराड़ी दोनों निवासी ग्राम घाटाखेदा को टक्कर मार दी। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर बस छोड़कर भाग गया था। शिवगढ़ थाना पुलिस ने बस चालक के खिलाफ तेज गति व लापरवाही से गाड़ी चलाने का केस दर्ज किया था। शनिवार को रतलाम से पीएम के बाद शव ले जाकर परिजनो व ग्रामीणों ने बाजना बस स्टैंड पर बस मालिक की दुकान के बाहर शव रख जाम लगा दिया था। कुछ लोगों ने बाजार की दुकानें बंद करवाते हुए बस संचालक विकास अग्रवाल के कर्नाटक चौराहा स्थित मकान पर ईंट व पत्थर फेंके थे।


