जब मदद के लिए रास्ते नहीं दिखे,तो खुद मददगार बने:अब वृद्धा आश्रम शुरू कर रहे ऋतुराज, धमतरी में शिक्षा-स्वास्थ्य और सेवा का विस्तारित मिशन

कभी हालात ऐसे थे जब जरूरतमंदों के लिए मदद के रास्ते सीमित दिखाई देते थे, लेकिन ऋतुराज पवार ने परिस्थितियों का इंतजार करने के बजाय खुद पहल करने का निर्णय लिया। धमतरी के इस सामाजिक कार्यकर्ता ने अपने अनुभव, संघर्ष और संसाधनों को समाज के हित में समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट मानना है कि यदि व्यवस्था में कमी दिखे तो केवल आलोचना नहीं, बल्कि समाधान का हिस्सा बनना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई पहलें शुरू कीं। जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहयोग, स्कूलों में मूलभूत संसाधनों की व्यवस्था, रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच कैंप जैसे प्रयासों ने सैकड़ों परिवारों तक राहत पहुंचाई। उनका मिशन केवल तात्कालिक सहायता देना नहीं, बल्कि स्थायी और संगठित सामाजिक बदलाव की नींव रखना है। अब वे अपने अगले कदम के रूप में वृद्धा आश्रम की शुरुआत की तैयारी कर रहे हैं, ताकि बुजुर्गों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्नेहपूर्ण वातावरण मिल सके। ऋतुराज पवार की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे मजबूत हों, तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले में परिवर्तन की नई कहानी लिख सकता है।

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