जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र स्थित जेएनएसी चौक, 9 नंबर बस स्टैंड के पास सोमवार रात करीब आठ बजे मवेशी लदे एलपीटी वाहन को रोकने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विश्व हिंदू परिषद को सूचना मिली थी कि एक ट्रक में मवेशी भरकर ले जाए जा रहे हैं। संगठन से जुड़े चिंटू सिंह ने बताया कि सूचना के आधार पर वाहन को रोका गया। ट्रक रुकते ही स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान कुछ युवकों ने ट्रक के शीशे तोड़ दिए। आरोप है कि मौके पर मौजूद सीसीआर वैन के पुलिसकर्मी खड़े रहे और स्थिति बिगड़ती रही। भीड़ के बढ़ने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कथित मालिक पहुंचा तो तीन बार भिड़ंत ट्रक का कथित मालिक मौके पर पहुंचा तो शीशा तोड़ने वाले युवकों से उसकी बीच सड़क पर ही कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बीच सड़क पर तीन बार भिड़ंत हुई। हालात बिगड़ने पर साकची पुलिस पहुंची, लेकिन उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करते हुए उन्हें खदेड़ दिया। बाद में पुलिसिया सख्ती दिखाने और क्यूआरटी बुलाने के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने मवेशी लदे वाहन को क्रेन की मदद से थाना पहुंचाया। बहस करने के आरोप में काशीडीह निवासी धर्मेंद्र यादव को भी हिरासत में लिया गया। वाहन में छह भैंस और दो गाय; देर रात समझौता थाने में देर रात दोनों पक्षों के लोग पहुंचे। साकची थाना प्रभारी आनंद मिश्रा ने बताया कि वाहन मालिक और दूसरे पक्ष के बीच आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया। वाहन में छह भैंस और दो गाय लदी थीं। पुलिस के अनुसार, कुछ पशु टाटा मोटर्स के पूर्व यूनियन अध्यक्ष के फार्म हाउस से लाए गए थे। सभी पशु पालतू बताए गए और तस्करी के लिए ले जाने की बात से इनकार किया गया। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना है कि इलाके में पिछले दिनों मवेशी चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, इसी वजह से वाहन को रोका गया था। पुलिस मामले की औपचारिक जांच में जुटी है।


