जमशेदपुर के बिस्टुपुर स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) कार्यालय में हुई लाखों रुपए की चोरी मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। नगर पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने गुरुवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। लॉकर का ताला टूटा हुआ नहीं मिला है। इस वजह से पुलिस को अंदरूनी साजिश की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई कर्मचारी इस घटना में शामिल था या चोरों ने कोई नई तकनीक इस्तेमाल की। आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर एलआईसी कार्यालय की निगरानी बढ़ा दी है। आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। पुलिस टीम यह भी जांच कर रही है कि क्या कार्यालय में कोई सुरक्षा चूक हुई थी। साथ ही किसी कर्मचारी की लापरवाही से यह वारदात हुई या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। लॉकर की तीन चाबी अफसरों के पास
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी ) कार्यालय के दूसरी और तीसरी मंजिल के लॉकर से कुल 50 लाख रुपए की चोरी हो गई। बुधवार सुबह ब्रांच मैनेजर राकेश रंजन सिन्हा ने सीसीटीवी कैमरे को बंद देखा तो छानबीन की। उनके कमरे में रखा डीवीआर भी गायब मिला, जिसमें एलआईसी के दोनों मंजिल के सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग रहती थी। छानबीन के दौरान दोनों लॉकर खुले मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की जांच में दोनों मंजिल पर तोड़फोड़ के कोई सुराग नहीं मिले हैं। पुलिस ने फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को बुलाया, लेकिन दोनों लॉकर पर किसी तरह के निशान नहीं मिले। लॉकर देखने से प्रतीत हो रहा है कि इसे चाबी द्वारा खोला गया था। लॉकर की तीन चाबी अफसरों के पास है। डीएसपी (सीसीआर) मनोज ठाकुर ने जांच में पाया कि एलआईसी कार्यालय में तीन दिनों से वित्तीय वर्ष की समाप्ति को लेकर सभी कर्मचारी व्यस्त थे। मंगलवार रात 7.30 बजे लॉकर बंद कर सभी चले गए। बुधवार सुबह कार्यालय खुला तो वहां सफाई कर्मी ने साफ-सफाई की। करीब 11 बजे ब्रांच मैनेजर राकेश रंजन सिन्हा अपने केबिन में पहुंचे। इसके बाद मामले का पता चला। एलआईसी कार्यालय में रात्रि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी सुनील कुमार ने घटना के बारे में किसी तरह की जानकारी होने से इनकार किया।


