प्रयागराज से पुलिस की रिश्वत मांगने के 2 ऑडियो सामने आए हैं। मामला फर्जी प्रमाण-पत्र से जुड़ा है। एक ऑडियो में मुकदमे से नाम हटाने के रेट तय हो रहे हैं। दूसरे ऑडियो में ट्रेनी दरोगा कोर्ट में जमानत के कागज भिजवाने के लिए 2 हजार रुपए मांग रहे हैं। ये दोनों पुलिस वाले प्रयागराज के कौंधियारा थाने के हैं। ऑडियो सामने आने के बाद SSP ने जांच के आदेश दिए। ACP की जांच में दोनों पुलिस वाले दोषी पाए गए हैं। ACP की रिपोर्ट पर DCP यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने ट्रेनी उप निरीक्षक विजय गौड़ और उप निरीक्षक गुलाब सिंह को सस्पेंड कर विभागीय जांच बैठा दी है। पहले पढ़िए मामला… पुलिस अफसरों के मुताबिक, कौंधियारा थाने में काशी नरेश मिश्र और उसके बेटे विजय समेत अन्य पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाने और अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में विजय की ओर से अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। मामले में विवेचक दरोगा गुलाब सिंह और आरोपी के बीच बातचीत का ऑडियो सामने आया। जिसमें दरोगा ने रुपयों की सीधी मांग तो नहीं की, लेकिन बातचीत के लिए दूसरे पक्ष को मिलने के लिए बुलाया। इस बातचीत में दरोगा ने स्पष्ट कहा कि जो भी बातचीत होगी वह आमने-सामने बैठकर होगी। दूसरे ऑडियो में जमानत आख्या लगाने के एवज में विवेचक दरोगा गुलाब सिंह की ओर से पैसे की डिमांड की गई। इसी क्रम में थाने में ही तैनात ट्रेनी दरोगा विजय गौड़ ने काशी नरेश से फोन पर बात कर रुपयों की मांग की। अब पढ़िए दोनों ऑडियो रिकॉर्डिंग की बातचीत… पहली रिकॉर्डिंग: दरोगा मुकदमे से नाम हटवाने की सेटिंग करते हैं ट्रेनी दरोगा : हेलो
पीड़ित : हां सर (ट्रेनी दरोगा मृत्युंजय ने फोन उठाया और दरोगा गुलाब सिंह से बात कराई) दरोगा (गुलाब सिंह) : हां, मुकेश
पीड़ित : नमस्ते सर दरोगा : बताओ बच्चा
पीड़ित : 36 लोग हैं उनमें, 20 लोग करवा रहे हैं, कितने तक की व्यवस्था करवा लें, जितना आप कह रहे हैं उतना संभव नहीं है साहब दरोगा : सुबह आ जाओ, ये सब बातें फोन पर संभव नहीं हैं
दरोगा : कहां हो आप
पीड़ित : छत पर अकेले बैठे हैं दरोगा : तुम एक किलोमीटर नहीं आ सकते, ये सब फालतू बात नहीं, जब मिलना हो तो आ जाओ या तो हम चले आएंगे ट्रेनी दरोगा : आप जिन साहब से बात कर रहे हो उनसे बात कर लेना, ये सब बातें फोन पर संभव नहीं हैं दूसरी रिकॉर्डिंग: जमानत के कागज भिजवाने का रेट 2 हजार ट्रेनी दरोगा (विजय गौड़) : बेल वाली जो है, उसका करवाना है, मेरे पास उसका कमेंट है, लिखना है।
पीड़ित : कहां वाली हाईकोर्ट वाली। दरोगा : हां।
पीड़ित : जो समझिए लिख दीजिए। दरोगा : गुलाब सिंह से बात नहीं हुई क्या?
पीड़ित : बात हुई थी, कह रहे थे कुछ करवा दीजिएगा। कितना करना है। दरोगा : हम आ रहे हैं, चौराहे पर मिल जाइए आप।
पीड़ित : साहब अगर आप मिल जाएंगे तो ठीक वर्ना थाने पर भिजवा देंगे। दरोगा: आपको इधर ही करना होगा, हम थाने नहीं जाएंगे।
पीड़ित : कुछ मालूम पड़ता है तो आपको वकील से भिजवा देते। दरोगा : आप 2 करवा दीजिए।
पीड़ित : नहीं एक करवा देते हैं। दरोगा : नहीं इतना ही चल रहा है। X पर ऑडियो पोस्ट किया
सोशल मीडिया X पर दो ऑडियो पोस्ट किए गए। डीसीपी यमुनानगर (प्रयागराज) विवेक चंद्र यादव ने इसका जवाब दिया। उक्त प्रकरण में एसीपी कौंधियारा को कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है। एसीपी कौंधियारा विवेक यादव सोशल मीडिया पर वायरल हुई दोनों ऑडियो को जांच पड़ताल करने के बाद उन्होंने डीसीपी यमुनानगर को रिपोर्ट लगाकर भेज दिए कि दोनों ऑडियो कौंधियारा थाने में तैनात दरोगा के हैं। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि ऑडियो के आधार पर दो दरोगा को निलंबित किया गया है।
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