टोरी-चंदवा मार्ग पर टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर रोड ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण के लिए किसानों ने जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू किया है। कामता पंचायत समिति सदस्य अयूब खान के नेतृत्व में सत्याग्रह में शामिल किसानों ने विरोधस्वरुप अपने आधे शरीर को जमीन में गड्ढा खोदकर गाड़ लिया है। किसानों ने कहा कि वे आरओबी निर्माण के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का ध्यान आकर्षित कराना चाहते हैं।
टोरी में ओवरब्रिज निर्माण के लिए 3 अप्रैल 2021 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ऑनलाइन शिलान्यास किया था। लेकिन 3 वर्ष 11 महीने बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इससे लोगों में रोष है। सत्याग्रह कर रहे लोगों ने कहा कि लातेहार ई-भूमि निबंधन कार्यालय में सीएनटी एक्ट का उल्लंघन किया जा रहा है। एसटी जमीन की बिक्री की जा रही है। पंचायत सचिवालय में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनने से लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों ने इन सभी समस्याओं के समाधान की मांग की है। जमीन समाधि सत्याग्रह कर रहे लोगों का कहना है कि एनएच विभाग पूरी तरह से गैर जिम्मेदार बना हुआ है। फ्लाई ओवरब्रिज के लिए करीब सात बार टेंडर निकाला गया। इस परियोजना के लिए राशि आवंटन के बाद भी कार्य शुरू करने के लिए एनएच प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है। एनएच व संबंधित पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण अबतक इसका कार्य शुरू नहीं हो सका है। टोरी रेलवे क्रॉसिंग में जाम से परेशान हो रहे किसान
किसानों ने कहा कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम रहने से भारी परेशानी हो रही है। एनएच पर टोरी रेलवे क्रॉसिंग रहने और व्यस्त रेलमार्ग के कारण फाटक बंद रहने के कारण लोग घंटों फंसे रहते हैं। कई बार जाम में एंबुलेंस के फंसने कारण मरीजों की मौत भी हो चुकी है। छात्र-छात्राएं समय पर स्कूल-कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं। काम करने वाले लोग समय पर ऑफिस नहीं जा पाते हैं। वहीं किसानों को बाजार पहुंचने में देर होती है। स्टेशन के पश्चिम में फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य करीब 4 महीने से बंद है।


