जयपुर में अजमेर हाइवे पर भांकरोटा में हुए भीषण हादसे के बाद भरतपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड़ में आ गया। जिला कलेक्टर डॉ अमित यादव ने शनिवार को पुलिस, प्रशासन, परिवहन, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बस में बैठकर ऊंचा नगला से लेकर कमालपुरा बॉर्डर तक करीब 70 किमी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-21 का निरीक्षण किया और 17 ब्लैक स्पॉट देखे। उन्होंने दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। आवासीय क्षेत्र में बनाए गए कट के दोनों ओर वाहनों की स्पीड कम करने के लिए रबर स्ट्रिप लगाने के निर्देश दिए। घनी आबादी क्षेत्र में डिवाइडर पर मेटल बीम लगाने के निर्देश दिए, जिसमें रिफ्लेक्टर भी लगाया जाए ताकि रात में वाहनों को आबादी क्षेत्र में डिवाइड स्पष्ट रूप से दिखाई दे। उन्होंने सर्विस रोड पर हो रहे अतिक्रमण को हटवाने तथा रोड किनारे ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पंचायत राज विभाग के माध्यम से कचरा संग्रह बॉक्स रखवाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि अधिकारी बरसो गांव में दोनों तरफ आबादी को देखते हुए अंडरपास का प्रस्ताव तैयार करें। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि यह निरीक्षण कार्यक्रम पहले से ही तय था। निरीक्षण दल में सीओ सिटी पंकज यादव, प्रशिक्षु आईएएस राहुल श्रीवास्तव, उपखंड अधिकारी राजीव शर्मा, पीडब्ल्यूडी के एसई वृद्धि चंद मीणा, अधीक्षक, सीएमएचओ डॉक्टर गौरव कपूर, डीटीओ अभय मुदगल, एनएचआई के अधिकारी सौरभ शर्मा आदि उपस्थित रहे। रॉन्ग साइड आने वाले वाहनों के चालान भी काटे सारस तिराहे पर बनेगा बस पिकअप प्वाइंट सारस तिराहे पर जयपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर सर्विस रोड के सहारे मुख्य रोड से कट देकर बस पिकअप पॉइंट तैयार करने। बाईपास पर सभी मैरिज गार्डनों द्वारा हाइवे के सहारे कचरा डालने पर मैरिज गार्डन को नोटिस जारी किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज से लेकर टेक्नोलॉजी पार्क तक ब्लैक स्पॉट को टेक्नोलॉजी पार्क के पास घूम पर स्थित कट को मापदंडों के अनुसार अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। भास्कर पड़ताल भरतपुर में इस साल 496 सड़क हादसों में हुई 308 लोगों की मौत… सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के अनुसार भरतपुर जिले में एनएच-21 पर भरतपुर सीमा में वर्ष 2024 में 496 सड़क हादसे हुए, इनमें 308 लोगों की मौत हुई। जबकि करीब 550 लोग घायल हुए। इनमें से कई लोगों को अपने हाथ-पांव भी गंवाने पड़े। इसका सबसे अहम कारण हाइवे पर अवैध कट होना भी है। वाहन चालक जल्दी के चक्कर में कट से वाहन निकालते हैं और हादसा हो जाता है। ये है जिले के ब्लैक स्पॉट ऊंचा नगला, मॉर्डन स्कूल, सारस चौराहा, शीशम तिराहा, पॉलिटैक्निक पार्क सेवर, उच्चैन तिराहा, हनुमान मंदिर लुधावई, सिनपिनी बस स्टॉप, लुलहरा, पहरसर मोड़, डेहरा मोड़, बेरी मोड़, नया गांव मोड़, हलैना बस स्टॉप और खेड़ली मोड़ आदि।


