जयपुर-आगरा रोड पर भी कट से मुड़ रहे बड़े ट्रक-टैंकर:ध्यान नहीं दिया तो यहां भी LPG टैंकर ब्लास्ट जैसी घटना का डर; एक्सपर्ट बोले- खामियों से भरा पड़ा

जयपुर-अजमेर हाईवे पर डीपीएस कट पर हुए एलपीजी टैंकर ब्लास्ट में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। एसएमएस में भर्ती मरीजों का इलाज चल रहा है। इस हादसे के बाद डीपीएस कट कपर क्लोवर लीफ का निर्माण शुरू हो गया है, लेकिन आगरा रोड पर भी ऐसा ही एक कट है। जहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। अजमेर जयपुर हाईवे जैसे ही हालात आगरा रोड पर 52 फीट हनुमान के पास दिखाई दे रहे हैं। दौसा और रिंग रोड से आने वाले सभी भारी और अन्य वाहन 52 फीट हनुमानजी के पास कट पर इक‌ट्ठे होते हैं। फिर यू टर्न लेते हैं। जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। रोड सेफ्टी एक्सपर्ट डॉक्टर प्रेरणा ने बताया- आगरा रोड पर 52 फीट हनुमान के पास कट पर रोड इंजीनियरिंग बहुत खराब है। जो खामियों से भरा पड़ा है। मुख्य मार्ग पर ऐसा कोई भी इनोवेशन नहीं करना चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी हो। दौसा और रिंग रोड से जो ट्रैफिक आ रहा है। उसे एक ही लाइन में डाल दिया गया है। हैवी ट्रैफिक जो 52 फीट हनुमान मंदिर से यू टर्न करता है। उसे मुख्य रोड पर रखा जा सकता है। वहीं, सीधे जयपुर जाने वाले ट्रैफिक को सर्विस लाइन पर रखा जा सकता है। वहीं दूसरी तरफ टर्न वाली जगह पर रोड को चौड़ा करने की जरूरत है। क्यों की यहां पर टर्न भी छोटा है। एक बार में लंबे ट्रक नहीं निकल पा रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम 52 फीट हनुमानजी के पास स्थित कट पर पहुंची 52 फीट हनुमानजी के पास स्थित कट की हालत देखने भास्कर टीम मौके पर पहुंची। यहां देखा कि नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर यू-टर्न लेने वाले कन्टेनर, ट्रेलर, टैंकर, ट्रोले और अन्य भारी वाहन पूरी रोड की आवाजाही को प्रभावित करते हैं। 20 से 40 फीट लंबे भारी वाहन इस कट से यू टर्न लेते हैं तो पहले स्लिप लेन की तरफ जाते हैं। फिर कट के बीच से होते हुए यू टर्न लेते हैं। इससे दोनों तरफ का ट्रैफिक रुक जाता है। वाहन के ज्यादा बड़े होने पर बार-बार आगे पीछे करना पड़ता है। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। दौसा और रिंग रोड का आ रहा एक साथ ट्रैफिक 52 फीट हनुमान मंदिर के सामने वाले कट से हर दिन करीब 4 हजार से अधिक हैवी व्हीकर निकल रहे हैं। ये वह व्हीकल हैं। जो रिंग रोड से जयपुर-दौसा हाईवे पर आता हैं। 52 फीट हनुमान मंदिर से यू-टर्न करके दौसा की तरफ बढता है। इन वाहनों में गैस-पेट्रोल के टैंकर,मार्बल के ट्रक,बड़े-बडे़ ट्रोले शामिल हैं। देर रात को यहां पर किसी भी प्रकार का सिग्नल नहीं है। कि यहां पर कोई कट हैं। जिस कारण यहां पर भी जयपुर अजमेर रोड जैसी दुर्घटना होने की स्भावना हैं। प्रशासन को इस विषय पर काम करनी क जरूरत हैं। रोड इंजीनियरिंग में भारी वाहनों के नियम नेशनल हाईवे के नियमों के अनुसार तो 2 किलोमीटर के दायरे में कोई कट नहीं हो सकता। सड़क निर्माण से जुड़ी विशेष परिस्थितियों में अगर कट दिया जाता है। स दौरान साइन बोर्ड लगाने होते हैं। भारी वाहनों के एक हाईवे से दूसरे हाईवे पर आने के लिए ‘क्लोअर लीफ’ का निर्माण किया जाता है, जो एक रिंग के समान होता है। जयपुर अजमेर रोड के डीपीएस कट और जयपुर आगरा रोड के 52 फीट हनुमानजी कट पर यह क्लोअर लीफ आज तक नहीं बनाई गई है। पुलिस चालान में व्यस्त स्थानीय व्यापारी विनोद सांखला ने बताया- चौराहे पर हर दिन दो से तीन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार दुर्घटनाओं में लोगों की जान भी जा चुकी है। जयपुर ट्रैफिक पुलिस को इसे लेकर शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। चौराहे पर हाई मास्क लाइन लगाई हुई हैं। वह कभी जलती हैं। कभी नहीं जलती। ऐसे में जयपुर से आगरा जाने वाला वाहन एकाएक चौराहा आने पर परेशान हो जाता है। जिस से कई बार दुर्घटना हो चुकी हैं। मौके पर जयपुर ट्रैफिक पुलिस के जवान रहते हैं, लेकिन वह गाड़ियां पकड़ने में मैन रोड पर व्यस्त दिखाई दे रहे थे। 52 फीट हनुमान मंदिर के पास सब्जी की दुकान लगाने वाले रोहित शर्मा ने बताया- उसकी दुकान कट के चौराहे पर है। यहां पर आए दिन दुर्घटना होती है। ट्रक या अन्य बड़े वाहन मुड़ते हैं तो जयपुर से आने वाला ट्रैफिक अपने हिसाब से रुकता है। इसे रोकने के लिए किसी भी प्रकार की कोई अन्य व्यवस्था जैसे ट्रैफिक लाइट, पुलिसकर्मी नहीं रहते। ट्रैफिक लाइट में केवल ऑरेंज लाइट जला कर इतिश्री कर दी जाती है। यहां पर हाईमास्क लाइटे हैं। वह कभी-कभी जलती हैं। ट्रैफिक पुलिसकर्मी मुख्य सड़क पर वाहनों को रोकर चालान करते रहते हैं। ट्रैफिक चलाने की बजाय चालान काटने में लगे रहते हैं। ये भी पढ़ें जयपुर LPG ब्लास्ट- 2 और युवकों की मौत:पूर्व IAS सहित जिंदा जले थे 15 लोग, ड्राइवर बोला- गैस लीक होते ही आग के गोले फैलने लगे थे जयपुर LPG टैंकर ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे 2 और लोगों ने मंगलवार को सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। इसी के साथ मरने वालों की संख्या 15 हो गई है। इसमें एक पूर्व IAS भी शामिल हैं। जयपुर-अजमेर हाईवे पर 20 दिसंबर की सुबह करीब पौने 6 बजे हादसा हुआ था। (पूरी खबर पढ़ें)

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