जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गुरुवार शाम नगर निगम हेरिटेज में कार्रवाई की। अतिक्रमण हटाने के एवज में परिवादी से 1.50 लाख रुपए सौदा तय कर आरोपी ने 50 हजार रुपए लिए थे। काम नहीं होने पर रिश्वत के 30 हजार रुपए वापस लौटाते एसीबी ने उसको धर-दबोचा। एसीबी टीम सफाईकर्मी के घर पर सर्च के साथ ही हवामहल डीसी सीमा चौधरी से पूछताछ कर रही है। एडिशनल एसपी बलराम मीणा के नेतृत्व में एसीबी टीम ने यह कार्रवाई नगर निगम हैरिटेज के हवामहल जोन में की। एसीबी ने कार्रवाई कर नगर निगम हेरिटेज के सफाई कर्मचारी हरिज्ञान गुर्जर को रिश्वत लेते अरेस्ट किया है। घूसखोर सफाई कर्मचारी हरिज्ञान गुर्जर ने परिवादी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करवाने की एवज में 1.50 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। उसके बाद 50 हजार रुपए लेकर अतिक्रमण हटाने की गारंटी ले ली। करीब 2 महीने बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर परिवादी ने रुपए लौटाने का दबाव बनाया। तब घूसखोर हरिज्ञान गुर्जर ने परिवादी को बुलाकर 30 हजार रुपए सौंप दिए। इस बीच एसीबी ने रिवर्स ट्रैप करते हुए हरिज्ञान गुर्जर को ट्रैप कर लिया। एसीबी इस मामले में हवामहल जोन उपायुक्त सीमा चौधरी की भूमिका की भी जांच कर रही है। एसीबी को घूसखोर के बयानों से संदेह है कि सीमा के कहने पर ही सफाई कर्मचारी रिश्वत की रकम मांगकर पीड़ित को परेशान कर रहा था।


