जयपुर की फैक्ट्रियों में आग लगा रहे थे फायरब्रिगेड कर्मचारी:पूछताछ में बताया- जितनी ज्यादा आग, उतने रुपए कमाने का मौका मिलता था

जयपुर में संविदा पर लगे एक फायर मैन और फायरब्रिगेड के ड्राइवर को आज गिरफ्तार किया गया है। जो फैक्ट्रियों में आग लगाकर रुपए कमा रहे थे। डिपार्टमेंट को ठग रहे थे। दोनों दमकल की गाड़ियों से डीजल की चोरी करते थे। इसे सस्ते दामों पर बेच देते थे। दोनों आरोपियों ने अब तक कुल तीन फैक्ट्रियों में आग लगाने की बात कबूली है। दोनों ने पूछताछ में बताया- जितनी ज्यादा जगह आग, उतने ज्यादा रुपए कमाने का मौका मिलता है। दमकल की गाड़ियों के ज्यादा राउंड होने पर वे ज्यादा डीजल चोरी करते थे। डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने बताया- करधनी में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई आगजनी की घटनाओं को देखते हुए कारणों की जांच कराई गई। इस दौरान करधनी थानाधिकारी हरीश सोलंकी को मुखबिर से एक महत्वपूर्ण इनपुट मिला। मुखबिर से मिली जानकारी की पुष्टि करने के लिए थाने के कॉन्स्टेबल सायरमल को लगाया गया। जांच में पता चला कि पिछले कुछ समय से रीको एरिया के सरना डूंगर में हो रही आग की घटनाओं को बाइक सवार बदमाश अंजाम दे रहे हैं। दमकल का डीजल चोरी कर बेचने के लिए लगा रहे थे फैक्ट्री में आग सीआई करधनी थाना हरीश सोलंकी ने बताया- मुखबिर से मिला जानकारी के बाद आसपास लगे हुए सीसीटीवी फुटेज चैक किए। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि घटना से कुछ समय पहले एक बाइक हीरो होंडा स्पेलंडर प्लस पर दो युवक आते और जाते दिखाई दिये। सीसीटीवी फुटेज से इन अज्ञात आरोपियों का रूट मैप तैयार किया गया। मोटर साईकिल सवारों का सरना डूंगर के फायर स्टेशन की तरफ जाना पाया गया। मोटर साईकिल को काम में लेने वाले दो युवक विजय शर्मा (25) और राहुल यादव (23) को डिटेन कर घटना के बारे में सख्ती से पूछताछ की गई। दोनों युवकों ने सरना डूंगर की तीन अलग-अलग जगहों पर आग लगाने की घटना करना स्वीकार किया। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया- दोनों सरना डूंगर के फायर स्टेशन में अस्थाई कर्मचारी के रूप में काम करते हैं। अनुभव के प्रमाण पत्र होने पर प्राइवेट ठेकेदार के द्वारा अस्थाई फायरमैन व ड्राइवर के रूप में नियुक्ति मिली थी। आग की सूचना मिलने पर मौके पर जाकर बुझाने का काम करते हैं। आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ी से जितना डीजल खर्च होता है, उससे ज्यादा डीजल खर्च होना बता देते हैं। फायर ब्रिगेड की गाड़ी से निकाले डीजल को बेच कर पैसा कमाते हैं। जितनी ज्यादा जगह आग, उतना ज्यादा डीजल चुराने का मौका मिला था आग की जितनी सूचना मिलती है। उससे अधिक डीजल चोरी का अवसर मिलता। इसलिए दोनों ने योजना बनाकर अलग-अलग फैक्ट्रियों के अन्दर आग लगाने की घटना को अंजाम दिया। घटना को अंजाम देने के लिए दोनों चेहरे पर कपड़ा बांधकर मोटर साईकिल पर सवार होकर किसी प्लास्टिक की फैक्ट्री में माचिस /सिगरेट से आग लगाकर दोबारा फायर स्टेशन पर आ जाते थे। उन्हें कन्ट्रोल रूम से आग लगने की सूचना मिलने पर वह व फायर ब्रिगेड की गाड़ी लेकर मौके पर जाकर आग बुझाने का काम करते। करधनी थाना पुलिस ने इलाके में लगे हुए 100 सीसीटीवी कैमरे चैक कर इन दोनों बदमाशों की जानकारी जुटाई।
इनकी हुई गिरफ्तारी

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