‘अचानक से तेज धमाका हुआ, 35-40 गाड़ियां भभकने लगीं, लोग आंखों के सामने जिंदा जल रहे थे। आग की चपेट में आई बस और एक कार में लोग मदद के लिए चीख-पुकार रहे थे। मैंने मेरे जीवन में इतना बड़ा हादसा नहीं देखा।’ जयपुर में शुक्रवार सुबह अजमेर हाईवे पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने एलपीजी गैस से भरे टैंकर में धमाके में 12 लोग जिंदा जल गए और 30 से ज्यादा लोग झुलसे हैं। प्रत्यक्षदर्शी मुकेश सैनी ने हादसे की जो आंखों देखी बताई, हकीकत उससे भी भयानक है। इतना बड़ा हादसा कैसे हुआ ये जानने भास्कर टीम मौके पर पहुंची। हादसे के कई घंटे बाद भी चपेट में आए वाहनों में जिंदा जले लोगों के कंकाल निकाले जा रहे थे। टक्कर एलपीजी से भरे टैंकर और ब्लैंकेट से भरे ट्रक में हुई थी। इसके बाद एलपीजी टैंकर के सेफ्टी वॉल्व और नोजल टूट गए थे। लीकेज से गैस करीब 600 मीटर के एरिया में फैल गई। जिससे एक के बाद एक वाहन चपेट में आते चले गए। जहां हादसा हुआ, वहां माचिस की डिब्बियों से भरा ट्रक और एक एलपीजी से भरा टैंकर और था, जिसे मौका रहते साइड कर दिया गया। वरना यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था। पढ़िए- पूरी रिपोर्ट… पहले धमाका हुआ और फिर गाड़ियां जलती दिखी
जिस दिल्ली पब्लिक स्कूल के करीब यह हादसा हुआ, मुकेश सैनी उसी स्कूल में बस ड्राइवर हैं। मुकेश ने बताया- मैं सुबह पांच बजे घर से स्कूल के लिए निकला था। करीब 5.40 बजे के आसपास स्कूल के गेट पर गाड़ी खड़ी कर रहा था कि अचानक तेज धमाका हुआ। स्कूल से यह महज कोई 150 मीटर दूर ही होगा। पीछे मुड़कर देखा तो आसमान में बहुत तेज उजाला नजर आया। पास ही पेट्रोल पंप है, मुझे लगा वहां कोई धमाका हुआ है। मैंने तुरंत स्कूल बस खड़ी की और दौड़कर पास पहुंचा। 25-30 गाड़ियां आग से धधक रहीं थीं। चारों तरफ चीख-पुकार मची थी। कुछ समझ में नहीं आ रहा था कैसे लोगों को बचाएं। सबसे भयानक आग तो बस और कार में लगी थी। उनमें फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए कई और लोग भी दौड़े। एक के बाद एक गाड़ियां आग की चपेट में आ रहीं थीं। इसलिए दूर खड़ी गाड़ियों से लोग निकल-निकल कर बाहर भाग रहे थे। हमने कई झुलसे लोगों को बाहर निकाला। हादसे का कारण- टैंकर चालक की लापरवाही
मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की सब इंस्पेक्टर यशोदा ने बताया एलपीजी गैस से भरा टैंकर नायरा पेट्रोल पंप के पास कट से यू टर्न लेकर रिंग रोड की तरफ जा रहा था। टैंकर ने यू टर्न लिया ही था कि जयपुर की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। जिस लेन पर हादसा हुआ उसी लेन पर ट्रक के पीछे देहरादून से एक निजी बस आ रही थी। बस के ड्राइवर रमेश ने बताया- हादसा एलपीजी टैंकर चालक की गलती से हुआ। दरअसल, चालक को रिंग रोड के लिए मुड़ना था। रोड पर कट होने से ड्राइवर ने टैंकर को मोड़ा। उसने अपनी लेन में तो पीछे की तरफ देखा लेकिन दूसरी लेन में सामने आ रही गाड़ियों पर ध्यान नहीं दिया। ट्रक अपनी रफ्तार में आ रहा था जो टैंकर से भिड़ गया। टक्कर के बाद वॉल्व टूटे, लीक हुई एलपीजी से फैली आग, इसलिए बड़ा हादसा
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ ने बताया कि हादसे के बाद गैस से भरे टैंकर में नीचे की तरफ जो सुरक्षा वाल्व और नोजल थे, वो टूट गए थे। इसकी वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ। भिड़ंत के तुरंत बाद टैंकर के साइड में नीचे की तरफ से गैस लीक होना शुरू हुई थी। सबसे पहले संपर्क में आए वाहनों के टायरों ने आग पकड़ी। इसके बाद एक-एक कर कई वाहन आग की जद में आ गए। काफी स्पीड से गैस लीक होने से इसका दायरा बढ़ गया। दरअसल, टैंकर में लीकेज को रोकने के लिए नोजल और वॉल्व होते हैं, जिन्हें खोलकर गैस को बाहर निकाला जाता है। भिड़ंत तेज होने के चलते नोजल और वॉल्व दोनों टूट कर नीचे गिर गए। इस वजह से गैस लीकेज हुई। आग लगते ही ट्रक का ड्राइवर केबिन में ही जिंदा जल गया। करीब 9 बजे उसका कंकाल ही बाहर निकाला जा सका। डिवाइडर के दूसरी तरफ खड़ी गाड़ियां भी चपेट में आईं
प्रत्यक्षदर्शी मुकेश सैनी ने बताया कि आग ने सबसे पहले ट्रक को चपेट में लिया। इसके बाद हवा की वजह से लपटें डिवाइडर के दूसरी तरफ तक पहुंच गई। लपटें इतनी तेज थीं कि डेढ़ सौ मीटर दूर खड़े ट्रक और स्लीपर बस तक तक पहुंच गई। दूसरी तरफ खड़े ट्रक ने पहले आग पकड़ी, इसके बाद बस ने आग पकड़ी और फिर एक के बाद एक गाड़ियों में आग लगती चली गई। इस दौरान बीच में आ रही कारें भी आग की चपेट में आ गई। और बड़ा हो सकता था हादसा, एक एलपीजी टैंकर को समय रहते सिक्योर किया
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सामने आया कि घटनास्थल के पास ही एक पेट्रोल पंप है। इसके बिल्कुल सामने की तरफ एलपीजी से भरे हुए एक और गैस के टैंकर तक आग पहुंच गई थी। ऐसे में रेस्क्यू टीमों के लिए सबसे पहले इसे भी सिक्योर करना काफी जरूरी था। इसमें भरी हुई गैस के टेंपरेचर को पानी डालकर मेंटेन किया गया जो की 25 डिग्री तक रहा। अगर 35 से ज्यादा तापमान हो जाता तो और भी भयानक हादसा हाे सकता था। बचाव में जुटी टीम इस पर लगातार पानी डालती रही। इसके अलावा एक ट्रक माचिस से भरा हुआ था, वो भी आग की चपेट में आया था, लेकिन समय रहते उसकी आग बुझा दी गई। आस पास के पेड़ जले, दोनों तरफ पेट्रोल पंप
आग की लपटें इतनी तेज थी कि सड़क किनारे लगे हरे पेड़ तक जल गए। जिस जगह हादसा हुआ, उसके दोनों तरफ पेट्रोल पंप है। एक पेट्रोल पंप तो हादसे वाली लेन से महज 100 मीटर की दूरी पर ही है। गनीमत रही कि पेट्रोल पंप तक आग नहीं पहुंची। वरना हादसा और भी बड़ा हो सकता था। देहरादून से आ रही बस ड्राइवर रमेश के अनुसार करीब एक घंटे तक तो एंबुलेंस ही मौके पर नहीं थी। पुलिस गाड़ी और दूसरे व्हीकल से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। बाद में एंबुलेंस भी पहुंची। रमेश ने बताया कि आठ साल से ड्राइवर का काम कर रहा हूं- पहली बार ऐसा हादसा देखा है। जयपुर हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जयपुर में LPG टैंकर में ब्लास्ट, 11 जिंदा जले:ट्रक की टक्कर से आग लगी, 200 फीट ऊंची लपटें उठीं; बचने का मौका नहीं मिला जयपुर में शुक्रवार सुबह अजमेर हाईवे पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने एलपीजी गैस से भरे टैंकर में धमाका हो गया। हादसे में 11 लोग जिंदा जल गए और 33 लोग झुलस गए हैं। गैस टैंकर को एक ट्रक ने टक्कर मारी थी। इससे टैंकर से गैस का रिसाव हुआ, जो 200 मीटर तक फैल गई, जिसने अचानक आग पकड़ ली। (पूरी खबर पढ़ें) जयपुर टैंकर ब्लास्ट इतना भयावह कि उड़ते पक्षी जल गए:34 लोगों से भरी बस जली, 11 जिंदा जले; बाइक सवार का हेलमेट चेहरे से चिपका जयपुर में हुए LPG टैंकर ब्लास्ट में 34 पैसेंजर्स से भरी स्लीपर बस भी जल गई है। इसमें सवार 34 पैसेंजर्स में से 20 झुलसे हैं। वहीं, 14 पैसेंजर्स और ड्राइवर-कंडक्टर लापता हैं। टैंकर फटने के बाद लगी आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कई पक्षी तक जल गए। (पूरी खबर पढ़ें) VIDEO में देखें जयपुर टैंकर ब्लास्ट हादसा:अजमेर हाईवे पर 1 किलोमीटर तक आग; कपड़े उतारकर लोगों ने बचाई जान जयपुर में शुक्रवार सुबह अब तक का सबसे भीषण सड़क हादसा हुआ। एलपीजी से भरे टैंकर से उठी आग एक किलोमीटर तक दिखाई दी। हादसे का एरियल व्यू देखने से ऐसा लग रहा था कि युद्ध के मैदान से आग के गोले निकल रहे हों। हादसा इतना भयावह था कि आग की चपेट में आए लोगों के अंडर गारमेंट्स तक जल गए। (पूरी खबर पढ़ें) बिना परमिट दौड़ रही थी टैंकर ब्लास्ट की शिकार बस: 34 में 20 यात्री झुलसे, 14 लापता; एक परमिट 14 महीने, दूसरा 4 महीने पहले एक्सपायर जयपुर में हुए LPG टैंकर ब्लास्ट में 34 पैसेंजर्स से भरी स्लीपर बस भी जल गई है। इसमें सवार 34 पैसेंजर्स में से 20 झुलसे हैं। वहीं, 14 पैसेंजर्स और ड्राइवर-कंडक्टर लापता हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि LPG टैंकर ब्लास्ट की चपेट में आई इस बस के पास रोड पर चलने का परमिट भी नहीं था। (पूरी खबर पढ़ें) जयपुर में LPG टैंकर ब्लास्ट का एनिमेशन VIDEO:आग से झुलसे लोग सड़क पर भागते दिखे, सड़कों और घरों में फैलती गई लपटें जयपुर में शुक्रवार सुबह एलपीजी टैंकर में ब्लास्ट के बाद अजमेर हाईवे पर दहशत मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए नजर आए। हादसे में 11 लोग जिंदा जल गए। 33 लोग झुलस गए। इस दौरान भयावह मंजर दिखा। आग से झुलसे लोग सड़क पर भागते हुए दिखे। (पूरी खबर पढ़ें)


