जयपुर डिविजन ने टिकट चेकिंग से होने वाली आय में नया रिकॉर्ड दर्ज किया है। 2025-26 में डिविजन ने 9 महीनों के भीतर ही 24 करोड़ 76 लाख रुपए की कमाई कर ली है। यह आंकड़ा पिछले दो सालों की वार्षिक आय से ज्यादा है। 2023-24 में जयपुर डिविजन ने टिकट चेकिंग से पूरे साल में 24 करोड़ 70 लाख रुपए की आय की थी, जबकि 2024-25 में यह कमाई 22 करोड़ 6 लाख रुपए रही।
डिविजन के मुताबिक इस साल 10वां महीना पूरा होने से पहले ही पिछले सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। लगातार टिकट चेकिंग, ट्रेनों और स्टेशनों पर सख्त मॉनिटरिंग और स्टाफ की रेगुलर काउंसलिंग का असर सीधे आमदनी में देखने को मिला है। इस फाइनेंशियल ईयर का टारगेट 27 करोड़ 41 लाख रुपए
डीसीएम जगदीश चौधरी ने बताया कि रेगुलर मॉनिटरिंग, सरप्राइज़ चेक और स्टाफ की लगातार काउंसलिंग के जरिए यह रिकॉर्ड हासिल किया गया है। उन्होंने बताया कि 2025-26 के लिए टिकट चेकिंग से 27 करोड़ 41 लाख रुपए का टारगेट रखा गया है, जिसे मार्च तक अचीव कर लिया जाएगा।
टिकट चेकिंग के दौरान सबसे ज्यादा अर्निंग दिल्ली रूट पर दर्ज की गई। प्रीमियम ट्रेनों में बेटिकट यात्रियों के मामले ज्यादा सामने आए। वंदे भारत, डबल डेकर, गरीब रथ और बॉम्बे सुपरफास्ट ट्रेनों में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। प्रतिदिन करीब 9 लाख रुपए तक का जुर्माना वसूला
लगातार चेकिंग का असर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर भी पड़ा है। प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। लगातार चेकिंग से जयपुर डिविजन ने प्रतिदिन करीब 9 लाख रुपए तक का जुर्माना वसूला।
डीसीएम जगदीश चौधरी ने बताया कि लगातार चेकिंग अभियान से जहां एक ओर रेलवे की आमदनी बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर रिजर्व कोच में सही टिकट लेकर यात्रा करने वाले पैसेंजर्स को भी राहत मिली है। बेटिकट यात्रियों पर कार्रवाई होने से ट्रेनों में भीड़ की स्थिति में भी सुधार हुआ है।
जयपुर डिविजन के जयपुर, दौसा, अलवर, बांदीकुई, रेवाड़ी, रिंगस, सीकर, चूरू, लोहारू और झुंझुनूं स्टेशनों पर लगातार चेकिंग की गई। स्टेशनों के साथ-साथ ट्रेनों में भी नियमित मॉनिटरिंग की गई, इसके बाद यह टारगेट हासिल किया गया। माल ढुलाई में भी रिकॉर्ड राजस्व वहीं उत्तर पश्चिम रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में माल ढुलाई से होने वाली आय में नया रिकॉर्ड बनाया है। रेलवे ने सिर्फ 295 दिनों में 2,939 करोड़ रुपए का माल ढुलाई राजस्व हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 10 दिन पहले हासिल हुई है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकिरण ने बताया-बेहतर परिचालन व्यवस्था और प्रभावी राजस्व प्लानिंग की वजह से यह बढ़त दर्ज की गई है।
महाप्रबंधक अमिताभ के नेतृत्व में उत्तर पश्चिम रेलवे ने 20 जनवरी 2026 तक कुल 6,690 करोड़ रुपए की आय दर्ज की है, जो अब तक की सबसे ज्यादा है। पिछले साल इसी अवधि में यह आय 6,358 करोड़ रुपए रही थी। यानी कुल राजस्व में 5.22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान यात्री राजस्व, माल ढुलाई और अन्य कोचिंग सेवाओं से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे साफ है कि सभी सेक्टर में रेलवे की कमाई मजबूत हुई है।


