जयपुर में कल से सजेगा क्राफ्ट फेस्टिवल:दो दिवसीय आयोजन में आर्टिस्ट वॉल और हैंडमेड गुलाल का रहेगा खास आकर्षण

राजधानी जयपुर में कला, शिल्प और रचनात्मकता का उत्सव सजने जा रहा है। 28 फरवरी और 1 मार्च को पालथी कैफे में आयोजित होने वाला जयपुर क्राफ्ट फेस्टिवल 2026 कलाकारों, शिल्पकारों और कला प्रेमियों को एक साझा मंच पर लाएगा। दो दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य पारंपरिक हस्तशिल्प और समकालीन कला के साथ सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। फेस्टिवल में कार्यशालाएं, लाइव प्रस्तुतियां, ओपन माइक, नेटवर्किंग सत्र और लाइव शिल्प स्टेशन जैसे कई आकर्षण होंगे, जहां कला केवल प्रदर्शित नहीं होगी, बल्कि संवाद और सहभागिता के जरिए जीवंत अनुभव में बदलेगी। आयोजकों ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि कलाकारों, शिल्पकारों, युवाओं और आम नागरिकों के बीच संवाद और भागीदारी को बढ़ावा देना है। फेस्टिवल में कार्यशालाएं, लाइव प्रस्तुतियां, खुला मंच, नेटवर्क सत्र, लाइव शिल्प स्टेशन और संवाद मंच जैसे कई आकर्षण शामिल होंगे। आर्टिस्ट वॉल का होगा निर्माण फेस्टिवल में एक विशेष आर्टिस्ट वॉल बनाई जाएगी, जहां युवा और उभरते कलाकार अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित करेंगे। आगंतुक कलाकारों से सीधे संवाद कर सकेंगे और उनके कार्यों को समझ सकेंगे। फेस्टिवल में चार लाइव स्टेशनों पर पारंपरिक शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इनमें फूल निर्माण, सूखे फूलों से कार्ड बनाना, प्राकृतिक गुलाल बनाना और मिट्टी शिल्प शामिल हैं। दर्शक निर्माण प्रक्रिया को सामने से देख सकेंगे और बारीकियों को समझ पाएंगे। क्राफ्ट सर्कल में कला चिकित्सक गतिविधियां विशेष क्राफ्ट सर्कल में कला चिकित्सक कला गतिविधियों के माध्यम से लोगों को तनावमुक्त होने और रचनात्मक रूप से स्वयं को पुनर्जीवित करने का अवसर देंगे। फेस्टिवल में एक पॉडकास्ट स्टेशन भी होगा, जहां उद्यमी, कलाकार और शिल्पकार बदलती दुनिया में कला और शिल्प के भविष्य पर चर्चा करेंगे। फेस्ट के पहले दिन 28 फरवरी को सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक विभिन्न कार्यशालाएं आयोजित होंगी। इनमें बच्चों के लिए क्राफ्ट कार्यशाला, मोमबत्ती निर्माण, प्रिंट निर्माण और केक पेंटिंग जैसी गतिविधियां शामिल हैं। प्रतिभागियों को स्वयं हस्तनिर्माण की प्रक्रिया को समझने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इनमें नाट्य प्रस्तुति “डॉटर’स डॉटर’स डॉटर”, बीटबॉक्स और हिप-हॉप प्रस्तुति, खुला मंच, रैप प्रस्तुति तथा “कॉन्टैक्ट इम्प्रोवाइजेशन एंड फ्लो” जैसी प्रस्तुतियां शामिल रहेंगी। फेस्ट के दूसरे दिन 1 मार्च को सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें टेक्सचर आर्ट, नेटवर्किंग सत्र, अपसाइकल्ड एक्सेसरी निर्माण और “वियर योर ओन आर्ट” जैसी रचनात्मक कार्यशालाएं शामिल हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में “डेयर टू ड्रीम”, “बॉर्न इन द बीट”, खुला मंच, “टुगेदर इन मोशन” और “मिक्स्ड फ्रूट जैम” के साथ संगीत संध्या आयोजित होगी। साथ ही अनिता डांगी द्वारा मांड गायन की प्रस्तुति भी दी जाएगी। फेस्टिवल में यह दिखेगा खास

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *