जयपुर में जुटेंगे 600 भारतीय और 21 विदेशी त्वचा रोग:डर्माकॉन 2025 में 5500 से ज्यादा प्रतिनिधि होंगे शामिल, 7 फरवरी से 80 सत्रों में होगी नए शोध पर चर्चा

जयपुर में 7 से 9 फरवरी तक होने वाले त्वचा रोग विशेषज्ञों के 53वें राष्ट्रीय सम्मेलन डर्माकॉन 2025 में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ एकजुट होंगे। इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट्स, वेनेरियोलॉजिस्ट्स और लेप्रोलॉजिस्ट्स (IADVL) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में 600 से अधिक भारतीय और 21 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। जयपुर एग्जीबिशन कन्वेंशन सेंटर, सीतापुरा में होने वाले इस आयोजन में 5500 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सम्मेलन से एक दिन पहले 6 फरवरी को 12 पूर्व-सम्मेलन कार्यशालाएं होंगी, जिनमें त्वचा रोगों से जुड़ी नई तकनीकों पर चर्चा की जाएगी। तीन दिवसीय वैज्ञानिक कार्यक्रम में 80 सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें त्वचा रोगों के नए शोध और उपचार पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा। आयोजन के अध्यक्ष डॉ. यू.एस. अग्रवाल ने बताया कि यह सम्मेलन त्वचा रोग विज्ञान के क्षेत्र में नई खोजों और विचारों को बढ़ावा देने का मंच होगा। आयोजन सचिव डॉ. दीपक के. माथुर के अनुसार, डर्माकॉन 2025 नवाचार, सहयोग और ज्ञानवर्धन पर केंद्रित है। कोषाध्यक्ष डॉ. विजय पालीवाल ने इसे ज्ञान और संस्कृति का अनूठा संगम बताया। सम्मेलन में वैज्ञानिक चर्चाओं के अलावा सामाजिक और नेटवर्किंग कार्यक्रम भी होंगे, जिनमें प्रतिभागियों को नए संपर्क बनाने और विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन त्वचा रोग, यौन संचारित रोग और कुष्ठ रोग पर विशेषज्ञों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

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