राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय रंगमहोत्सव 25वें भारत रंग महोत्सव (भारंगम) 2026 का जयपुर एडिशन 13 फरवरी से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुरू होगा। यह महोत्सव 13-14 फरवरी और 18-19 फरवरी 2026 को आरआईसी के मुख्य सभागार में आयोजित किया जाएगा। भारंगम के जयपुर एडिशन के संयोजक ऋषिकेश शर्मा, एनएसडी के पूर्व छात्र एवं आरआईसी, जयपुर के कार्यक्रम अधिकारी रक्षित हूजा ने जानकारी दी कि जयपुर एडिशन इस वर्ष की केंद्रीय थीम “संवाद संस्कृतियों का” का प्रतिनिधित्व करता है। यह थीम भारत की विविध रंगपरंपराओं, कलात्मक नवाचारों और सांस्कृतिक संवादों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन कलाओं की समृद्ध परंपरा के कारण जयपुर भारत रंग महोत्सव का महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र बना हुआ है और यहां के दर्शकों का उत्साह हर वर्ष इसे विशेष बनाता है। रा.ना.वि. के निदेशक चित्तारंजन त्रिपाठी ने जयपुर के नाट्यप्रेमियों को संदेश देते हुए कहा कि जयपुर ने सदैव रंगकला को आत्मीयता और गरिमा के साथ स्वीकार किया है। भारत रंग महोत्सव का 25वां संस्करण इस ऐतिहासिक शहर में आयोजित होना इस विश्वास को मजबूत करता है कि पारंपरिक और आधुनिक कला रूप साथ मिलकर सुंदरता से विकसित हो सकते हैं। चार दिन, चार प्रभावशाली प्रस्तुतियां महोत्सव का उद्घाटन 13 फरवरी को नाटक “राष्ट्रनायक: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी” से होगा। इसका लेखन ज्योति जेलिया ने किया है और निर्देशन सज्जाद हुसैन खान द्वारा किया गया है। यह प्रस्तुति ज्योति आर्ट्स, दिल्ली द्वारा हिंदी में मंचित की जाएगी। 14 फरवरी को दर्शक नाटक “अम्रपाली और बुद्ध” का आनंद लेंगे, जिसका लेखन एवं निर्देशन वी. अनुराधा सिंह ने किया है। इसे भोपाल के वृंदा केन्द्र समूह द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। 18 फरवरी को विलियम शेक्सपीयर की प्रसिद्ध कृति “हैमलेट” का मंचन होगा। इसका निर्देशन शिवा तुमु ने किया है और प्रस्तुति जयपुर विश्वविद्यालय के ड्रामा विभाग द्वारा दी जाएगी। महोत्सव का समापन 19 फरवरी को एकल नृत्य-नाट्य प्रस्तुति “नाचनी” के साथ होगा। इसे भानु भारती प्रस्तुत करेंगे, निर्देशन महौर भाटिया का है और मंचन कैलेंडिका नृत्य नाट्य मंच समिति, भोपाल द्वारा किया जाएगा। 25 दिन, 277 से अधिक प्रस्तुतियां भारत रंग महोत्सव 2026 का 25वां संस्करण 27 जनवरी से 20 फरवरी तक 25 दिनों में देशभर में आयोजित किया जा रहा है। इसमें 277 से अधिक प्रस्तुतियां 228 भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में मंचित की जा रही हैं, जिनमें कई अल्प-प्रतिनिधित्व वाली भाषाएं भी शामिल हैं। इस महोत्सव में 9 देशों के कलाकारों के साथ भारत के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के नाट्य दल भाग ले रहे हैं। यह आयोजन राष्ट्रीय और वैश्विक सांस्कृतिक संवाद का एक व्यापक मंच बन चुका है।


