जयपुर में रमजान महीने के तीसरे शुक्रवार को नमाज के दौरान फिरदौस मस्जिद की दीवार गिर गई। वहां मौजूद लोगों को ऐसा लगा जैसे भूकंप आया है। धमाके जैसी आवाज आने पर ब्लास्ट होने का अंदेशा हुआ। नमाज के बाद बाहर निकल रहे लोगों को लगा कि कुछ फट गया है। मस्जिद हादसे के कुछ प्रत्यदर्शी हैं जो चंद कदमों के फासले के चलते घायल होने से बच गए। उनका दावा है कि वहां सैकड़ों लोग थे, जो चंद सेकेंड के फासले के चलते उनकी जान बची। जहां बालकनी की दीवारी गिरी उस एरिया में नमाजियों ने अपने जूते चप्पल खोले थे। आवाज एसी आई मानो ब्लास्ट हो गया हादसे के दौरान नमाज पढ़कर निकले मोहम्मद शकील ने बताया कि उसकी मस्जिद से ही कुछ दूरी पर मोबाइल रिपेयरिंग की शॉप है। सवा दो बजे के आसपास मस्जिद की दीवार गिरी और जहां दीवार का मलबा गिरा उसी जगह से वे कुछ सेकेंड पहले चप्पल पहनकर निकले थे। शकील ने बताया कि थोड़ी ही देरी का डिफरेंट था, मैं एक मिनट से भी कम समय पहले जहां दीवार गिरी वहां से अपनी चप्पल पहनकर निकला। जैसे मैं निकला उसके तुरंत बाद मस्जिद की दीवार गिरी थी। फिर मैं और वहां मौजूद लोग मलबे में दबे लोगों को बचाने में जुट गए। घायलों को मलबे से निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया। हादसे में कुछ लोग गंभीर घायल हुए। नमाजियों ने जहां जूते-चप्पल खोले उसी जगह मस्जिद की पहली मंजिल की बालकनी पर बनी सिंगल ईंट की दीवार गिरी। उस समय लोग अपने जूते-चप्पल पहन रहे थे। शकील ने बताया कि दीवार गिरने की ऐसी आवाज आई मानों कोई ब्लास्ट हो गया हो। उन्होंने घायलों के लिए प्रशासन की ओर से मदद की मांग भी की। रमजान की खुशियों को किसी की नजर लग गई हादसे में बचे हसीन खान ने बताया कि यहां इमाम साहब नमाज पढ़ा रहे थे। जिसके बाद दुआ मांगी जा रही थी। उसके बाद मैं अपनी चप्पल पहनकर 10 से 12 कदम ही दूर चला था कि अचानक धमाके की आवाज आई। ऐसा लगा कि भूकंप आ गया। जाने पीछे से ऐसी क्या चीज फट गई, जिसके बाद लोग अपने आप को बचाने में लगे थे। हसीन खान ने बताया कि हादसे से पहले यहां सब कुछ आराम से चल रहा था। इमाम साहब ने नमाज करवाई थी, लेकिन चंद पलों में ही रमजान की खुशियों को मानो किसी की नजर लग गई। मेरे बचने में महज दस कदम का फासला रहा। नहीं तो मैं घायल हो जाता। उन्होंने कहा- ये अल्लाह का घर है यहां आदमी झूठ नहीं बोलता है। उन्होने दावा किया कि कुदरती ही ये दीवार गिर गई। घायलों को बचाने के लिए राह चलते टैक्सी वाले, बाइक वाले सभी ने मदद की जिससे घायलों को समय रहते हॉस्पिटल पहुंचाया। वजूखाने के ऊपर की दीवार गिरी थी बता दें कि हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे उस वक्त हुआ, जब फिरदौस मस्जिद में जुम्मे की नमाज खत्म हुई थी। लोग दुआ से पहले ही मस्जिद से वापस जाने के लिए निकलने लगे, तभी वजूखाने के ऊपर बिल्डिंग की बाहरी दीवार अचानक गिर गई। दीवार गिरने से वहां मौजूद नमाजी मलबे में दब गए। कुछ लोग ऊपर से नीचे भी गिरे। दीवार करीब 100 फीट लंबी और तीन फीट ऊंची थी। पांच से छह हजार नमाजी थे मौजूद हादसे के समय मस्जिद में पांच से छह हजार नमाजी मौजूद थे। हादसा होते ही हड़कंप मच गया। पुलिस का भी मानना है कि भारी भीड़ की वजह से ऊपर की बिल्डिंग पर दबाव पड़ा और दीवार नीचे गिर गई। मुख्य नमाज के बाद हुआ हादसा गनीमत यह रही कि हादसा उस समय हुआ, जब कई लोग दुआ होने से पहले ही नमाज पढ़ कर मस्जिद से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। अगर मुख्य नमाज के दौरान यह हादसा होता तो जान माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। पुलिस ने भी यह माना है कि मस्जिद कमेटी के लोगों ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। फिलहाल इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। मस्जिद में भारी भीड़ बढ़ने से ऐसा दोबारा नहीं हो, इसके पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। ये खबर भी पढ़िए… जयपुर में नमाज के दौरान मस्जिद की दीवार गिरी:मलबे में 21 लोग दबे, 8 की हालत गंभीर, मस्जिद के अंदर 1000 लोग मौजूद थे जयपुर में नमाज के दौरान मस्जिद की दीवार गिरने से 21 लोग मलबे में दब गए। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बचाव कार्य शुरू किया। सभी को मलबे से बाहर निकाला। घायलों को कांवटिया अस्पताल ले जाया गया। घटना के समय मस्जिद में करीब 1000 लोग मौजूद थे। (पढ़िए पूरी खबर)


