जयपुर शहर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए आरटीओ प्रथम ने 15 साल से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला किया है। नॉन अटेनमेंट सिटी घोषित होने के कारण जयपुर में ऐसे वाहनों का संचालन पहले से प्रतिबंधित है, इसके बावजूद इनके चलने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अब परिवहन विभाग ने शहर में पंजीकृत 15 साल से पुराने सभी कमर्शियल वाहनों पर सीधी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के स्पष्ट निर्देश हैं कि निर्धारित समयसीमा पूरी कर चुके व्यावसायिक वाहनों को शहर में संचालित नहीं किया जा सकता। प्रदूषण के उच्च स्तर को देखते हुए ऐसी गाड़ियों को पहले ही फेज आउट किया जा चुका है, लेकिन नियमों की अनदेखी के मामले सामने आ रहे थे। इसे देखते हुए 45 दिन का विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को अनिवार्य रूप से जब्त किया जाएगा।
बिना आरसी, फिटनेस और परमिट पर भी होगी कार्रवाई
आरटीओ ने बताया- अभियान के दौरान 15 साल से अधिक पुराने कमर्शियल वाहनों को सड़क पर चलते पाए जाने पर तुरंत सीज किया जाएगा। इसके साथ ही जिन वाहनों के पास वैध आरसी, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट नहीं होगा, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी के नियमों के तहत जुर्माना भी लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह अभियान लगातार 45 दिन तक चलेगा और टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य शहर में प्रदूषण कम करना और एनजीटी के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।


