जयपुर में आज शराब कारोबारियों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद रखते हुए आबकारी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने शराब की बिक्री के लिए दुकानों का संचालन समय बढ़ाने के साथ पुलिस प्रशासन की तरफ से किए जा रहे नाजायज परेशान करने की प्रवृति को रोकने की मांग की। हालांकि इस बंद का जयपुर में मिला-जुला असर रहा। शहर में अधिकांश व्यापारियों ने इस विरोध में अपना समर्थन दिया, लेकिन कुछ व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान सुबह खोले रखे। लेकिन बाद में उन्हें भी संगठन के पदाधिकारियों ने समझाइश करके बंद करवा दिया। राज लिकर वेलफेयर सोसायटी के बैनरतले सैंकड़ों व्यापारी दिन में झालाना स्थित आबकारी ऑफिस पहुंचे। यहां सभी ने सरकार की नई आबकारी पॉलिसी में शराब बिक्री का टारगेट बढ़ाने का विरोध जताया। सोसायटी के अध्यक्ष निलेश मेवाड़ा ने बताया- सरकार ने बिक्री का तो टारगेट 12.5 फीसदी बढ़ा दिया, लेकिन सरकार ने बिक्री का समय बढ़ाने का जो आश्वासन दिया था वह नहीं बढ़ाया। प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल ऑफिस में जिला आबकारी अधिकारी महिपाल सिंह से मिला और उनको ज्ञापन देकर अपनी समस्याएं बताई। कमिश्नर के आश्वासन के बाद खोली दुकानें जिला आबकारी अधिकारी को ज्ञापन देने के बाद व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल सचिवालय में आबकारी कमिश्नर शिवप्रकाश नकाते से मिलने पहुंचा। यहां कमिश्नर ने प्रतिनिधि मंडल की बात सुनी और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर जल्द सरकार स्तर पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय किया जाएगा। हालांकि उन्होंने पुलिस की तरफ से नाजायज परेशान करने के मामले पर तुरंत पुलिस अधिकारियों से फोन करके इसका निस्तारण करने की बात कही। पुलिस अधिकारियों से बात करने और आश्वासन मिलने के बाद व्यापारियों ने दोपहर करीब 2 बजे बाद वापस अपनी दुकानें खोली।


