जयपुर में शुक्रवार सुबह अजमेर हाईवे पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने एलपीजी टैंकर में हुए धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। इस दौरान मृतकों के परिवार ने जो मंजर बताया वो भयावह था। इस हादसे में राधेश्याम चौधरी की भी मौत हो गई। जो परिवार में अकेले कमाने वाले थे। आग में झुलसने के बावजूद दौड़कर 800 मीटर दूर पहुंचे। आगे पढ़िए मृतकों के परिवार से बातचीत… एसएमएस हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी पहुंचे मृतक राधेश्याम के दोस्त हंसराज ने बताया- राधेश्याम के पिता का लगभग 15 साल पहले निधन हो चुका है। राधेश्याम एनबीसी कंपनी में काम करते थे। परिवार के लिए करने वाले यही थे। हादसे के दौरान उन्होंने अपनी जान बचाने की बहुत कोशिश की। घटनास्थल से 800 मीटर दौड़कर आए। फिर अपने कपड़े खुद खोले। दोस्त रोशन को फोन किया। आग में इतना झुलसने के बाद भी इन्होंने फोन कर बताया। रोशन उनके पास पहुंचा। राधेश्याम को ढूंढा। इसके बाद हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। महिला कॉन्स्टेबल की हुई मौत, भाई बोला- उनकी ही कमाई से सुधरे थे घर के हालात हादसे में आरएसी कॉन्स्टेबल अनीता मीणा (28) की भी मौत हो गई है। अनीता आरएसी में 2016 बैच की कॉन्स्टेबल थीं। सुबह दूदू से ड्यूटी के लिए चैनपुरा के लिए स्लीपर बस में निकली थीं। अनीता की पहचान पैर में लगे नेल पॉलिश और बिछिया से की गई। अनीता के भाई बसराम ने बताया- अनीता के 10 साल की बेटी और 7 साल का बेटा है। पति गांव में खेती करते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। अनीता की नौकरी से घर की स्थिति सुधर रही थी, लेकिन हादसे ने सब कुछ छीन लिया। चश्मदीदों और पीड़ितों की आपबीती… प्रत्यक्षदर्शी मुकेश सैनी ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। कई लोग बचाव के प्रयास में गैस की चपेट में आ गए। मोहन लाल ने बताया- मेरे भांजे हरलाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। आग इतनी भयानक थी कि हम कुछ नहीं कर पाए। शोएब ने बताया- मेरा भाई उदयपुर से आ रहा था। बस में आग लगने पर वह कूद गया, लेकिन दोनों हाथ-पैर बुरी तरह झुलस गए। उसका इलाज जारी है। शिल्पा ने कहा- पड़ोसी रमेश शर्मा और उनकी पत्नी नीर बाइक से जा रहे थे। गैस की बदबू के बाद बाइक बंद हो गई और वे आग की चपेट में आ गए। रमेश का हेलमेट चेहरे पर चिपक गया था।” देव शर्मा ने बताया- मेरे माता-पिता हादसे में झुलस गए। उन्होंने सुबह 5:30 बजे फोन कर बताया कि वे जल गए हैं। कैसे हुआ हादसा
टैंकर और एक ब्लैंकेट से भरे ट्रक की टक्कर के बाद एलपीजी टैंकर के सेफ्टी वॉल्व और नोजल टूट गए, जिससे गैस करीब 600 मीटर के दायरे में फैल गई। गैस लीक होने से आसपास खड़े वाहन चपेट में आ गए। मौके पर खड़ा एक माचिस से भरा ट्रक और एक अन्य एलपीजी टैंकर भी वहां मौजूद था, लेकिन समय रहते इन्हें हटा दिया गया। वरना हादसा और भयावह हो सकता था। …… जयपुर में टैंकर ब्लास्ट की ये खबर भी पढ़िए… जयपुर में LPG टैंकर में ब्लास्ट, 11 जिंदा जले:40 गाड़ियों में आग लगी, 33 लोग झुलसे; 200 मीटर का इलाका आग का गोला बना जयपुर में शुक्रवार सुबह अजमेर हाईवे पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने केमिकल से भरे टैंकर में धमाका हो गया। हादसे में 11 लोग जिंदा जल गए और 33 लोग झुलसे हैं। टैंकर को एक ट्रक ने टक्कर मारी थी। इससे टैंकर में ब्लास्ट हो गया और जलता हुआ केमिकल 200 से 300 मीटर दूर तक फैल गया। जहां-जहां केमिकल गिरा वहां आग लग गई। (यहां पढ़ें पूरी खबर) जयपुर टैंकर ब्लास्ट इतना भयावह कि उड़ते पक्षी जल गए:34 लोगों से भरी बस जली, 11 जिंदा जले; बाइक सवार का हेलमेट चेहरे से चिपका जयपुर में हुए LPG टैंकर ब्लास्ट में 34 पैसेंजर्स से भरी स्लीपर बस भी जल गई है। इसमें सवार 34 पैसेंजर्स में से 20 झुलसे हैं। वहीं, 14 पैसेंजर्स और ड्राइवर-कंडक्टर लापता हैं। टैंकर फटने के बाद लगी आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कई पक्षी तक जल गए। बस और ट्रक के साथ हाईवे पर कई गाड़ियां भी आग की चपेट में आईं हैं। (पूरी खबर पढ़ें)


