कोरबा में पूर्व कैबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल के जन्मदिन (1 मार्च) के अवसर पर लगे पोस्टरों और विज्ञापनों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तस्वीर नदारद है। इस बात को लेकर कोरबा से रायपुर तक राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने इसे कांग्रेस में गुटबाजी का परिणाम बताया है। इन विज्ञापनों में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद ज्योत्स्ना महंत और टीएस सिंहदेव की तस्वीरें शामिल हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अनुपस्थिति स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। कुछ दिनों पहले ही एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में जयसिंह अग्रवाल ने कहा था कि जब वे मंत्री थे, तब मुख्यमंत्री पर भारी थे। विधानसभा चुनाव में हार के बाद से कांग्रेस नेताओं के बीच आपसी खींचतान समय-समय पर खुलकर सामने आती रही है। कांग्रेस कार्यकाल में गुटबाजी से विकास रुका भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस में ‘ढाई-ढाई साल’ का विवाद चल रहा था। उनके कार्यकाल में पूरे प्रदेश में विकास कार्य ठप रहे। कोरबा जिले में भी कांग्रेस की गुटबाजी के कारण ट्रांसपोर्ट नगर की सड़कें और अन्य विकास कार्य बुरी हालत में थे, जिन्हें अब भाजपा सरकार ठीक करने में लगी है। मोदी ने आगे कहा कि जयसिंह अग्रवाल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच का विवाद पूरे प्रदेश को पता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेसी आपस में लड़कर ही खत्म हो गए हैं। कांग्रेस के विकास को भाजपा आगे नहीं बढ़ा पा रही कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश राठौर ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में जो विकास कार्य हुए हैं, उन्हें भाजपा सरकार आगे नहीं बढ़ा पा रही है। उन्होंने बैनर-पोस्टर से फोटो गायब होने के मामले पर कहा कि यह देखने वाले का नजरिया गलत है। इस मामले पर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने राज्य सरकार से जितना फंड लाया था, उतना किसी और ने नहीं लाया। उन्होंने भी कहा कि विकास कार्य अब रुके हुए हैं।


