जर्मनी में जहरीली पंजीरी खाकर बीमार पड़ा परिवार:मोहाली में एफआईआर दर्ज, आरोपी का नहीं सुराग; बेटी और नवजात वेंटिलेटर पर पहुंचे

मोहाली की रहने वाली एक व्यवसायी महिला जर्मनी में रह रही अपनी गर्भवती बेटी के लिए पंजीरी लेकर गई थी। लेकिन पंजीरी खाने के बाद उसकी बेटी समेत पूरा परिवार बीमार हो गया। हालत इतनी बिगड़ गई कि बेटी को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। जांच में पता चला कि पंजीरी में जहर मिला हुआ था। महिला को गंभीर हालत में भारत लाया गया था। जब थोड़ी ठीक हुई तो करीब चौदह दिन पहले उन्होंने मोहाली पुलिस में इस मामले की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने अब पड़ताल करने के बादद भारतीय न्याय संहिता की धारा 123 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान पंजीरी में थैलियम नामक जहर मिलने की पुष्टि हुई, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहे मारने की दवा और कीटनाशकों में किया जाता है। इस जहर के प्रभाव से महिला और उसकी बेटी के सिर के बाल पूरी तरह झड़ गए। हालांकि महिला ने पंजीरी में जहर मिलाने का संदेह अपने नौकर पर जताया था, जो कि फरार चल रहा है। महिला ने रो-रोकर पूरा मामला बताया… पति की मौत हो चुकी, एक बेटी है मोहाली के सेक्टर-117 की रहने वाली रचना कपूर (49) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ साल पहले उनके पति की मौत हो चुकी है। उनकी सेनेटरी नेपकिन बनाने की कंपनी है, जो गुजरात में है। जबकि, ग्लोबल विजन नेटवर्क नाम से एक आईटी कंपनी भी है। उसकी इकलौती बेटी है बेटी की डिलीवरी पर जर्मनी गई उन्होंने बताया कि उनकी बेटी एडवोकेट रणजीता बत्रा शादी के बाद जर्मनी में रहती है। कुछ समय पहले उसने वहां घर खरीदा था। अब उसके दूसरा बच्चा होने वाला था। उसकी डिलीवरी के लिए वह भी जर्मनी गई थीं। पंचकूला में दोस्त के घर पंजीरी बनाई रचना ने बताया- 9 दिसंबर 2025 को मेरी फ्लाइट थी। जाने से पहले 7 दिसंबर को मैंने बेटी के लिए अपनी फ्रेंड के घर पंचकूला में पंजीरी बनाई। उस पंजीरी को मैं 3 पैकेट में पैक कर घर ले आई। उसे मैंने लॉबी में पड़ी डायनिंग टेबल पर रखा। पंजीरी के लड्‌ड् बनाए, बेटी ने खाए महिला ने कहा- 8 दिसंबर को मैंने सामान पैक किया। 9 दिसंबर को मैंने दिल्ली से फ्लाइट पकड़ी और जर्मनी पहुंची। वहां मैंने पंजीरी का एक पैकेट खोलकर उसके लड्‌डू बना दिए। मेरी बेटी और हमने वे लड्डू खाए। इसके बाद मैंने दूसरे पैकेट के भी लड्डू बना दिए। पहली जनवरी को बेटी पैदा हुई रचना ने बताया- 26 दिसंबर को मेरी बेटी के ससुरालवाले भी जर्मनी आए। सब एन्जॉय कर रहे थे। इसके बाद 1 जनवरी 2026 को मेरी बेटी ने बच्चे को जन्म दिया। 2026 में पैदा होने वाला वह अपने एरिया का पहला बच्चा था। इसलिए, जर्मनी के मीडिया ने बच्चे का फोटो पब्लिश किया। हम खुश थे कि हमारी बच्ची आते ही स्टार बन गई। तीसरे पैकेट के लड्डू खाकर तबीयत बिगड़ी पीड़िता बताती हैं- मैंने पंजीरी के तीसरे पैकेट के भी लड्डू बनाकर अस्पताल भेज दिए। वे लड्‌डू मैंने, मेरी बेटी ने और बेटी की सास ने खाए। कुछ लड्‌डू बेटी की ननद और अन्य ने भी खाए। उन्हें खाते ही सभी की तबीयत बिगड़ गई। बेटी, उसकी सास, ननद और मुझे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ।
बीमारी की हालत में भारत भेजा रचना के अनुसार, सभी रिश्तेदार टूरिस्ट वीजा पर जर्मनी गए थे, इसलिए बीमार हालत में ही सभी को एयरलिफ्ट कर भारत लाया गया। यहां बेटी की सास को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया। जबकि, मैं मोहाली के अस्तपाल में भर्ती हुई। जर्मनी के अस्पताल और पुलिस ने जांच में पाया कि सभी ने जो पंजीरी के लड्‌डू खाए हैं, उनमें थैलियम नाम का जहर था। यह बात भारत में अस्पताल के डॉक्टरों ने भी बताई। बेटी आईसीयू में मौत से लड़ रही रचना कपूर ने कहा- मेरी बेटी अब भी जर्मनी के हेम्सबर्ग में आईसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। मेरी खुद की सेहत भी बहुत खराब हो गई है। हमारे बाल तक नहीं बचे। यह घटना मेरे पूरे परिवार के खिलाफ सामूहिक हत्या की कोशिश है।
नौकर के पास था घर का पूरा एक्सेस शिकायत में महिला ने बताया- 3 फरवरी को मुझे मोहाली के पारस अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इस दौरान मुझे याद आया कि मेरे घर का पूरा एक्सेस केवल मेरे नौकर के पास ही था। जाने से एक महीना पहले मैंने उसे घर से निकाल दिया था, लेकिन उसने कहा कि आपके आने के बाद मैं घर छोड़ दूंगा। तब मैं यहां रह लेता हूं और घर की देखभाल करूंगा। अब नौकर फरार, नंबर बंद हैं महिला ने कहा- मैं उसे घर में छोड़कर चली गई थी। मुझे नहीं पता कि उसके दिल में क्या था? जब मैंने उससे पूछा कि तूने तो खाने में जहर नहीं मिलाया तो वह कहता है कि मैं ऐसा क्यों करूंगा? फिर वह घर से चला गया। अब उसके तीनों नंबर बंद हैं।

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