जवाई बांध में इतना पानी कि डेढ़ साल तक कमी नहीं रहेगी, चारों पाण देने के बावजूद 49.75 फीट जल स्तर

भास्कर संवाददाता. पाली| गर्मी का मौसम आने में अभी करीब एक महीने का वक्त बाकी है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि मानसून तक पानी को लेकर आपात हालात नहीं बनेंगे। जिले का मुख्य पेयजल स्रोत जवाई बांध इस समय ऐसी स्थिति में है कि करीब डेढ़ साल तक शहरों और गांवों को बिना किसी आपात इंतजाम के पानी दिया जा सकता है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, 2 फरवरी 2026 को जवाई बांध में जलस्तर 49.75 फीट दर्ज किया गया। इस स्तर पर बांध में 4632.12 एमसीएफटी पानी उपलब्ध है। जवाई बांध की कुल भराव क्षमता 61.25 फीट पर 7327.50 एमसीएफटी है। उपलब्ध जलराशि को देखते हुए जवाई-हेमावास प्रणाली से जुड़े इलाकों में जुलाई 2026 तक पेयजल आपूर्ति सुचारू रह सकेगी। 9 शहरों और 775 गांवों को मिलेगा पानी : जवाई आधारित योजनाओं से इस समय पाली जिले के 9 शहरों और पाली व ब्यावर जिले के 775 गांवों को पेयजल आपूर्ति की जा रही है। पाली शहर में फिलहाल 48 घंटे के अंतराल पर नियमित जलापूर्ति हो रही है और प्रशासन का कहना है कि गर्मी के दौरान भी इस व्यवस्था में किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी। आगामी वर्ष की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जवाई बांध से 2949 एमसीएफटी और हेमावास बांध से 525 एमसीएफटी पानी पेयजल के लिए पहले ही आरक्षित कर दिया गया है जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने गर्मी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी तैयार रखी हैं। जिले में 9771 हैंडपंप, 817 नलकूप, 183 खुले कुएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत 771 गांवों के लिए योजनाएं स्वीकृत हैं और अब तक 9075 घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) किए जा चुके हैं। इन व्यवस्थाओं से गर्मी में पानी की मांग बढ़ने पर भी स्थिति संभाली जा सकेगी। जब गर्मी के दौरान पाली को पानी के लिए रेल चलानी पड़ी थी… 2022 में जोधपुर से रेल द्वारा पानी मंगाया गया था। इस पर 7.85 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इस बार फर्क यह है कि जवाई बांध में पर्याप्त पानी है। हालांकि अब पाइप लाइन डल जाने से आपात स्थिति में ये विकल्प भी है। वाटर ट्रेन की जरूरत नहीं रहेगी। {अवधि : 17 अप्रैल से 15 जुलाई 2022 (90 दिन) {कुल फेरे : 239 {कुल पानी : 4780 लाख लीटर

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