जशपुर पुलिस ने महिला सुरक्षा अभियान शुरू किया:रजत जयंती वर्ष 2025-26 के तहत 11 दिन चलेगा कार्यक्रम, महिलाओं को आत्मनिर्भर-जागरूक बनाने का उद्देश्य

जशपुर पुलिस ने महिलाओं-बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए एक व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। ‘रजत जयंती वर्ष 2025-26’ के तहत यह अभियान 1 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक जिले के शहरी, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में चरणबद्ध रूप से चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और कानूनों की जानकारी देकर आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है। इस अभियान का शुभारंभ जिला मुख्यालय जशपुर में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से हुआ। इसमें विधायक रायमुनी भगत, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी सहित कई जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया गया और महिला सुरक्षा में सामूहिक सहभागिता का आह्वान किया गया। इस अवसर पर जशपुर पुलिस ने जिले की तीन महिलाओं को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया। इनमें जनजातीय बच्चों को क्रिकेट प्रशिक्षण देकर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने वाली पंडरी बाई, पर्वतारोहण के क्षेत्र में जिले और राज्य का नाम रोशन करने वाली सुमन ताम्रकार और बीसीसीआई अंडर-19 टीम में चयनित आकांक्षा रानी शामिल हैं। पंडरी बाई जनजातीय अंचलों के बच्चों को नियमित रूप से क्रिकेट प्रशिक्षण देकर उनकी खेल प्रतिभाओं को निखार रही हैं। सुमन ताम्रकार ने विभिन्न दुर्गम पर्वतीय अभियानों में हिस्सा लेकर जिले और राज्य को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है, जिससे वे युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं। आकांक्षा रानी का बीसीसीआई अंडर-19 में चयन पूरे राज्य की खेल प्रतिभाओं के लिए प्रोत्साहन का स्रोत है। इन सम्मानों के माध्यम से बालिकाओं और युवतियों को खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। जशपुर पुलिस का जनसंवाद एवं जागरूकता अभियान अभियान के अंतर्गत जशपुर पुलिस शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों, हाट‑बाजारों और संवेदनशील इलाकों में जनसंवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को घरेलू हिंसा, लैंगिक उत्पीड़न, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, बाल विवाह, नशे के दुष्प्रभाव, साइबर अपराध, पॉस्को एक्ट, मानव तस्करी, टोनही प्रताड़ना जैसी सामाजिक कुरीतियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही आत्मरक्षा के व्यावहारिक उपाय, पीड़ित प्रतिकर योजना, महिला हेल्पलाइन, पुलिस सहायता तंत्र और कानून में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों से अवगत कराया जाएगा। स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी विशेष जागरूकता फैलाई जाएगी। नोनी रक्षा दल के माध्यम से निरंतर जागरूकता जशपुर पुलिस पूर्व से ही नोनी रक्षा दल के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को निरंतर जागरूक कर रही है। 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन नंबर 9479128400 महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया है। आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई हेतु एक पृथक वाहन भी तैनात किया गया है। नोनी रक्षा दल का संचालन डीएसपी रैंक की महिला पुलिस अधिकारी आशा लकड़ा और उनकी विशेष प्रशिक्षित टीम की ओर से किया जाता है, जो महिलाओं से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है। स्कूल और कॉलेज स्तर पर जागरूकता सत्र अभियान के तहत स्कूल और कॉलेज स्तर पर छात्राओं को उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों की जानकारी देने के साथ-साथ करियर काउंसलिंग, आत्मविश्वास विकास और व्यक्तित्व निर्माण से जुड़े सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए खेलकूद, निबंध लेखन, कविता पाठ और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का संदेश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि भारत का संविधान और कानून महिलाओं को सशक्त बनाता है। जशपुर पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। नोनी रक्षा दल लगातार सक्रिय होकर कार्य कर रहा है और आने वाले समय में इसके कार्यों का और विस्तार किया जाएगा। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से महिला सुरक्षा अभियान में सहयोग की अपील की। महिला सुरक्षा में विश्वास और सामाजिक सहभागिता जशपुर पुलिस का यह जनजागरूकता अभियान महिलाओं और बालिकाओं के बीच सुरक्षा के प्रति विश्वास कायम करने, अपराधों की रोकथाम हेतु सामाजिक सहभागिता बढ़ाने और एक सुरक्षित, संवेदनशील वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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