जांच के लिए तीन डॉक्टरों की टीम गठित की:बीडीके अस्पताल में डिलीवरी के लिए कर दिया था इंकार, ऑपरेशन बीच में छोड़ने का आरोप

जिले के सबसे बडे़ राजकीय बीडीके अस्पताल में प्रसव के लिए मना करने के मामले में जांच के लिए तीन डॉक्टरां की टीम गठित की गई है। रविवार को मामला सामने आने के बाद जिला कलेक्टर ने इस मामले में संज्ञान लिया था। उन्होंने अस्पताल के PMO राजवीर राव से रिपोर्ट मांगी है। जिसके बाद पीएमओं ने मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरां की टीम गठित की है। टीम मामले की जांच करेगी। झुंझुनूं के भगवान दास खेतान हॉस्पिटल की एमसीएच विंग में डॉक्टर पर जुड़ाव बच्चों की डिलीवरी के दौरान ऑपरेशन बीच में छोड़ने का आरोप लगाया गया है। महिला के जेठ सहदेव सैनी ने बताया- छोटे भाई गोविंद की गर्भवती पत्नी अनिता देवी को लेकर 13 दिसंबर की रात 8.30 बजे बीडीके हॉस्पिटल पहुंचे थे। रात 1 बजे डॉ. आकांशा सैनी ने अनिता की डिलीवरी कराई। एक बच्चे की डिलीवरी नॉर्मल हो गई थी। दूसरे बच्चे की डिलीवरी के वक्त डॉक्टर ने नवजात की नाल काटने के बाद ऑपरेशन को बीच में ही छोड़ दिया और डिलीवरी कराने से इंकार कर दिया था और कहा कि जल्दी से अनिता को दूसरे अस्पताल ले जाओ, वरना जान नहीं बचेगी। अनिता को ब्लीडिंग हो रही थी। इसके बावजूद डॉक्टर ने ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया। हमने उनसे मिन्नतें की, लेकिन स्टाफ और डॉक्टर ने निकाल दिया। हमें किसी भी तरह के कागजात नहीं दिए। इसके बाद हम प्रसूता को निजी अस्पताल ले गए। वहां निजी अस्पताल की डॉक्टर ने बताया कि बच्चेदानी में रुई ठूंस रखी थी। बाद में मृत बच्चा पैदा हुआ। परिजनों ने पुलिस में भी इसकी शिकायत की है। मामला सामने आने के बाद जांच के लिए तीन डॉक्टरां की टीम गठित की गई है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *