जांजगीर, चांपा, बाराद्वार और सक्ती में वाटर एमटीएम हुए कबाड़

भास्कर न्यूज | जांजगीर शहर में गर्मी ने दस्तक दे दी है। पारा 32 डिग्री के करीब पहुंच रहा है, लेकिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाए गए वाटर एटीएम फिर से बंद पड़े हैं। जिला मुख्यालय जांजगीर सहित चांपा, बाराद्वार और सक्ती में वर्षों पहले लाखों रुपए की लागत से लगाए गए आरओ वाटर एटीएम अब कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं। गर्मी बढ़ने के बावजूद जिम्मेदार विभाग इन्हें चालू कराने की ओर ध्यान नहीं दे रहे, जिससे राहगीरों और आम नागरिकों को साफ पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। वाटर एटीएम की नियमित सर्विसिंग और फिल्टर बदलने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की थी। लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में मशीनें बार-बार खराब होती रहीं। जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते निगरानी नहीं की, जिससे पूरी योजना पटरी से उतर गई। अब हाल यह है कि लोग मशीनों के पास जाना तक छोड़ चुके हैं। शहरवासियों का कहना है कि मेंटनेंस नहीं कराने से गर्मी में वाटर एटीएम सालों से बंद रहते हैं। शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं होता। यदि समय रहते मरम्मत और रखरखाव की ठोस व्यवस्था नहीं की गई तो लाखों की लागत से बनी यह योजना पूरी तरह निष्प्रभावी हो जाएगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वर्ष 2017-18 में अविभाजित जांजगीर-चांपा जिले के प्रमुख स्थानों पर आरओ वाटर मशीनें लगाने का निर्णय लिया था। राइट वाटर सॉल्यूशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को करीब 21 लाख रुपए की लागत से मशीनें स्थापित करने का ठेका दिया गया। योजना के तहत एक या पांच रुपये का सिक्का डालने पर शुद्ध व ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाना था। शुरुआत में करीब एक साल तक मशीनें ठीक-ठाक चलीं, लेकिन कोरोना काल में बंद हुईं तो फिर दोबारा पटरी पर नहीं लौट सकीं। सक्ती नगर में कचहरी, अस्पताल और गौरव पथ के पास तीन वाटर एटीएम लगाए गए थे। तीनों मशीनें बंद पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मशीनें चालू थीं तो मात्र एक रुपए में पानी मिल जाता था, जिससे आमजन को बड़ी राहत थी। अब भीषण गर्मी में बाहर से आने वाले लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। हालांकि कुछ सामाजिक संस्थाओं ने मिट्टी के घड़ों और प्याऊ की व्यवस्था की है, लेकिन आरओ का शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *