जांजगीर-चांपा जिले में नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और CCTNS 2.0 की तैयारियों के मद्देनजर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण पुलिस लाइन जांजगीर में ई-साक्ष्य, ई-समंस, ई-एफएसएल और ई-प्रॉसीक्यूशन (Medl-ए-पीआर) मॉड्यूल पर केंद्रित था। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, विवेचना अधिकारी और CCTNS ऑपरेटर आरक्षक उपस्थित रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप ने प्रशिक्षण के दौरान मॉड्यूल की बारीकियों, समयबद्ध अपडेट और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने थाना स्तर पर प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण में ई-साक्ष्य मॉड्यूल के तहत डिजिटल साक्ष्यों (वीडियो, फोटो, दस्तावेज) के सुरक्षित अपलोड, भंडारण और न्यायालयीन उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। ई-समंस प्रणाली के माध्यम से न्यायालय से प्राप्त समंस/वारंट की ऑनलाइन प्राप्ति, तामिली प्रविष्टि और समयबद्ध प्रतिवेदन पर भी चर्चा हुई। ई-एफएसएल मॉड्यूल में फॉरेंसिक नमूनों की ऑनलाइन प्रविष्टि, ट्रैकिंग और डिजिटल रिपोर्ट प्राप्त करने की विधि बताई गई। ई-प्रॉसीक्यूशन (APR मॉड्यूल) के तहत अभियोजन शाखा के साथ समन्वय, केस डायरी व दस्तावेजों का ऑनलाइन आदान-प्रदान तथा लंबित प्रकरणों की निगरानी पर भी जोर दिया गया। Medl-ए-पीआर के माध्यम से थानों से डॉक्टर को ऑनलाइन एमएलसी और पोस्टमार्टम फॉर्म प्रेषित करने की डिजिटल व्यवस्था भी समझाई गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से इन मॉड्यूल्स का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया और अधिकारियों को हैंड्स-ऑन अभ्यास भी कराया गया। डेटा एंट्री में बरती जाने वाली सावधानियों, सामान्य त्रुटियों से बचने और साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों की शंकाओं का समाधान करते हुए बताया गया कि भविष्य में ऐसे तकनीकी प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाना है।


