धौलपुर में एक दशक से अधिक पुराने जानलेवा हमले के मामले में जिला एवं सेशन कोर्ट ने 3 आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने तीनों को पांच-पांच वर्ष के कारावास और प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला धौलपुर जिले के सैंपऊ थाना क्षेत्र के पड़ाका गांव से संबंधित है। लोक अभियोजक शैलेंद्र मथुरिया ने बताया कि घटना 11 जून 2015 की है। पड़ाका गांव निवासी भगवान सिंह पुत्र राजी बघेला ने सैंपऊ थाने में अपने बेटे पर हुए जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार भगवान सिंह के बेटे महेश ने गांव के ही रामअवतार, रामनरेश और अशोक पुत्रगण प्रेम सिंह बघेला को उनके खेतों में गाय-भैंस चराने से मना किया था। इस बात पर तीनों आरोपियों ने महेश के साथ मारपीट की और लाठी-फरसे से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में महेश गंभीर रूप से घायल हो गया था और हमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए थे। सैंपऊ थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच कर कोर्ट में चालान पेश किया। इस प्रकरण में जिला एवं सेशन न्यायालय धौलपुर के न्यायाधीश संजीव मागो ने सोमवार को सुनवाई पूरी की। कोर्ट ने तीनों आरोपियों रामअवतार, रामनरेश और अशोक को दोषी मानते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।


