एनटीए ने जेईई मेन जनवरी सेशन का रिजल्ट जारी कर दिया है। एजुकेशन एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जेईई-मेन जनवरी के परिणामों में 7 डेसीमल पर्सेन्टाइल के रूप में जारी किए गए। एनटीए स्कोर पर विद्यार्थियों में अपने-अपने पर्सेन्टाइल स्कोर के आधार मिलने वाले एनआईटीज, ट्रिपलआईटी एवं जीएफटीआई को लेकर उत्सुकता दिखाई दे रही है। उन्होंने बताया कि जिन स्टूडेंटस के 99 पर्सेन्टाइल से अधिक है उन्हें शीर्ष एनआईटी जैसे तिरछी, वारंगल, सूरतकल, इलाहाबाद, राउरकेला, कालीकट व जयपुर, कुरूक्षेत्र जैसे एनआईटी एवं ट्रिपलआईटी इलाहाबाद में कोर ब्रांचेज मिलने की संभावनाएं स्पष्ट बन रही हैं। 99 से 98 पर्सेन्टाइल है तो उन्हें शीर्ष के टॉप 10 एनआईटी की कोर ब्रांच के अतिरिक्त अन्य ब्रांच के साथ-साथ टॉप 10-20 एनआईटी एवं ट्रिपल आईटी जबलपुर, ग्वालियर, गुवाहाटी, कोटा, लखनऊ, में कोर ब्रांच मिलने की संभावनाएं बन सकती है। इन एनआईटी में भोपाल, सूरत, नागपुर, जालंधर, दिल्ली, हमीरपुर, दुर्गापुर शामिल हैं। 98 से 96 पर्सेन्टाइल स्कोर होने पर टॉप 20 एनआईटी की कोर ब्रांचों के अतिरिक्त अन्य ब्रांचेज एवं शेष एनआईटी जिसमें नोर्थईस्ट के एनआईटी के साथ-साथ पटना, रायपुर, अगरतला, श्रीनगर, सिल्चर, उत्तराखंड एनआईटी एवं बिट्स मिसरा, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़, जेएनयू, हैदराबाद यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में प्रवेश मिल सकता है। साथ ही विद्यार्थियों को नए ट्रिपलआईटी डोदरा, पुणे, सोनीपत, सूरत ,नागपुर, भोपाल, तिरछी, रायचूर, कांचीपुरम, रांची, धारवाड़, अगरतला, कल्याणी की कोर ब्रांचेंज मिलने की संभावना रहेगी। 96 से 94 पर्सेन्टाइल स्कोर होने पर टॉप 25 से 31 एनआईटी की कोर ब्रांचों के अतिरिक्त अन्य ब्रांचें एवं जीएफटीआई में प्रवेश मिलने की संभावनाएं बन सकती हैं। कौन क्या करें
एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि इस वर्ष जेईई-मेन परीक्षा देने के 2 विकल्प विद्यार्थियों के पास है। ऐसे विद्यार्थी जिनका जनवरी जेईई-मेन पर्सेन्टाइल 99.5 से अधिक है उन विद्यार्थियों को जेईई-एडवांस्ड की परीक्षा की तैयारी पूरे फोकस के साथ करनी चाहिए। क्योंकि उनकी इस पर्सेन्टाइल पर अच्छे एनआईटी में कोर ब्रांचेंज मिलने का विकल्प सुरक्षित हो गया है। 99.5 से 98.5 पर्सेन्टाइल स्कोर के मध्य वाले विद्यार्थी सुविधानुसार जेईई-मेन दे सकते हैं अथवा एडवांस्ड की तैयारी में लग जाना चाहिए। ऐसे विद्यार्थी जिनका पर्सेन्टाइल 98.5 से कम है, इन्हें जेईई-मेन, अप्रेल के साथ-साथ एडवांस्ड की तैयारी पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए। एनटीए स्कोर निकालने का फार्मूला
जेईई मेन के पहले सेशन के जारी किए जाने वाले रिजल्ट में स्टूडेंट्स के टोटल एंटीए स्कोर के साथ फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं मैथ्स के अलग अलग एंटीए स्कोर 7 डेसिमल परसेंटाइल में जारी किए हैं। जेईई मेन की परीक्षा विभिन परियो में होती है। ऐसे में प्रत्येक पारी के पेपर का डिफिकल्टी लेवल भी अलग अलग हो सकता है। ऐसे में सभी अलग-अलग शिफ्टों में स्टूडेंट्स के अपनी अपनी शिफ्ट में रॉ स्कोर के आधार पर नार्मेलाइज कर 7 डेसिमल में परसेंटाइल एंटीए स्कोर के रूप में जारी की जाती है। आहूजा ने बताया कि स्टूडेंट्स के रॉ स्कोर को निकला जाता है उसके बाद उस स्टूडेंट्स के बराबर और उससे कम रॉ स्कोर वाले स्टूडेंट्स की संख्या ली जाती है, इसे 100 से गुना कर, कुल परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स से भाग देकर 7 डेसिमल में परसेंटाइल निकला जाता है, जिसे उस स्टूडेंट् का एनटीए स्कोर बोला जाता है।


