भास्कर न्यूज | जामताड़ा जिले में बच्चा चोरी की अफवाहों के बीच लगातार सामने आ रही घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। रविवार देर रात जामताड़ा थाना क्षेत्र के गोपालपुर पंचायत के दूधकेवड़ा आमबागान में बच्चा चोर होने के संदेह में ग्रामीणों ने बोकारो निवासी एक व्यक्ति के साथ मारपीट कर घायल कर दिया। उसे सिर में लगी गंभीर चोट लगने की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। घायल व्यक्ति को तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं दूसरी घटना सोमवार की बताई जा रही है, जहां उदलबनी पंचायत में बिहार निवासी एक संदिग्ध व्यक्ति घूमता हुआ देखा गया। ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए किसी तरह की कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उक्त व्यक्ति को अपने कब्जे में लेकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। सदर थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो ने बताया कि दोनों ही मामलों में संबंधित व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और भटकते हुए गांव तक पहुंच गए थे। दोनों व्यक्ति अपना नाम एवं पहचान स्पष्ट रूप से बताने में असमर्थ थे। लगातार ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है और लोगों को अफवाहों से बचाने के लिए जागरूकता रैली एवं अभियान चलाया जा रहा है, ताकि निर्दोष लोगों के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। जागरूकता ही ऐसी घटनाओं को रोकने का माध्यम उपायुक्त ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जागरूकता ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है। प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी निर्दोष व्यक्ति अफवाह का शिकार न बने और समाज में शांति एवं सौहार्द बना रहे। प्रशासन ने जिलेवासियों से अफवाहों से दूर रहने, सत्यापित जानकारी पर ही विश्वास करने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि अफवाह नहीं, बल्कि जागरूकता और कानून का पालन ही सुरक्षित समाज की पहचान है। निर्दोष व्यक्ति के साथ हिंसा करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी: एसपी पुलिस अधीक्षक राज कुमार मेहता ने स्पष्ट किया कि अब तक जामताड़ा जिले में बच्चा चोरी की कोई भी सत्यापित घटना दर्ज नहीं हुई है। इसके बावजूद अफवाहों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बाहरी या संदिग्ध समझे जाने वाले लोगों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ हिंसा करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत डायल-112 पर सूचना दें तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और थाना प्रभारी से संपर्क करें। बिना जांच-पड़ताल के किसी व्यक्ति को दोषी मानना या भीड़ द्वारा कार्रवाई करना कानूनन अपराध है।


