भास्कर न्यूज | दुमका दुमका के जामा थाना की पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर 12 फरवरी से लापता 35 साल के दीपक यादव का शव सोमवार की सुबह बेदिया पंचायत के बेदिया गांव निवासी देशी राय के कुआं से बरामद कर लिया। दीपक गिरिडीह के जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के कुसैया गांव का रहने वाला था। पिता रामदेव यादव ने 13 फरवरी को जामा थाना में बेटे की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। पुलिस उसे सुरक्षित बरामद कर पाती, उससे पहले उसका शव मिल गया। पिता के बयान पर पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का मामला दर्ज किया है। दीपक पेशे से सीमेंट ट्रक का चालक था। स्वजनों के अनुसार वह 12 फरवरी को साहेबगंज से गाड़ी खाली कर दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) जा रहा था। इसी दौरान जामा थाना क्षेत्र अंतर्गत चुटोनाथ के समीप एक चाहरदिवारी से गाड़ी टकरा गई। इसके बाद दीपक न तो घर पहुंचा और न ही बंगाल। उस दिन से घरवाले उसकी लगातार तलाश कर रहे थे। कोई सुराग नहीं मिलने की वजह से पिता ने पुलिस से मदद भी मांगी। सोमवार को देशी राय ने कुआं में शव देखने के बाद शोर मचाया। इसके बाद पूरा गांव पहुंच गया। पुलिस को पहले से मृतक के घरवालों के संपर्क में थी, इसलिए पिता को इसकी सूचना दी। पिता रामदेव यादव ने आकर बेटे के शव की शिनाख्त की। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। भाई का आरोप : दूसरी जगह हत्या कर शव यहां फेंका मृतक के छोटे भाई छोटू यादव ने बताया कि जिस कुआं से भाई का शव मिला है, उस कुआं से उसका मालिक दो दिन से मशीन के जरिए सिंचाई कर रहा था। दो दिन तक उसे शव का पता नहीं चला। सुबह उसने शव देखा। भाई की नाक से खून भी निकल रहा था। अगर भाई की मौत पहले ही हो गई थी तो नाक से ताजा खून निकलने का सवाल ही नहीं उठता है। लगता है कि कहीं और हत्या करने के बाद शव को यहां लाकर फेंक दिया गया है। जरूर साजिश के तहत उनकी हत्या की गई है।


