जालंधर का चौधरी परिवार कांग्रेस में फिर होगा शामिल:लोकसभा चुनावों में टिकट बंटवारे से हुए थे खफा; विक्रमजीत फिल्लौर से विधायक

पंजाब के जालंधर के पूर्व सांसद स्वर्गीय संतोख सिंह चौधरी का परिवार एक बार फिर कांग्रेस पार्टी में वापसी करने जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार चौधरी परिवार के फिल्लौर से विधायक विक्रमजीत चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग उन्हें पार्टी जॉइन करवाएंगे। ये जॉइनिंग दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के सामने करवाए जाने की संभावना है। संतोख चौधरी के बेटे और पूर्व विधायक विक्रमजीत सिंह चौधरी 2022 में कांगेस की टिकट पर ही फिल्लौर से विधायक चुने गए थे। लेकिन 2024 में लोकसभा चुनावों में टिकट बंटवारे के बाद चौधरी परिवार ने कांग्रेस से दूरी बना ली थी। दरअसल, चौधरी परिवार स्वर्गीय संतोख चौधरी की पत्नी कर्मजीत कौर के लिए टिकट की मांग कर रहा था। अब जब मन-मुटाव कम हुए तो अमरिंदर सिंह राजावड़िंग से बातचीत के बाद विधायक विक्रमजीत पुनः पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं। इस फैसले को लुधियाना उपचुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए एक अहम बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। चौधरी परिवार के कारण जालंधर में राजनीतिक महत्व संतोख चौधरी जालंधर की राजनीति में एक प्रतिष्ठित नाम रहे हैं। वह दो बार सांसद और कई बार विधायक रह चुके हैं। उनकी मृत्यु के बाद परिवार की राजनीतिक दिशा को लेकर असमंजस बना हुआ था, लेकिन अब उनके बेटे विक्रमजीत सिंह की वापसी से कांग्रेस को दलित मतदाताओं और पुराने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच फिर से मजबूती मिलने की उम्मीद है। कांग्रेस को मिलेगी मजबूती चौधरी परिवार का कांग्रेस में लौटना पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत वह पुराने और जमीनी नेताओं को फिर से सक्रिय कर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना चाहती है। 2022 में कांग्रेस को आपसी फूट का ही नुकसान उठाना पड़ा था। पंजाब में लगातार कमजोर पड़ रही कांग्रेस के लिए यह वापसी एक सकारात्मक संकेत हो सकती है। आधिकारिक घोषणा अभी बाकी सूत्रों के अनुसार, चौधरी परिवार दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क मे है। इसकी औपचारिक घोषणा अगले 2-3 दिनों में होने की संभावना है। पंजाब के एक बड़े परिवार की वापसी से कांग्रेस एक संकेत देना चाहती है कि रूठों को मनाया जा रहा है और लुधियाना चुनाव में भी कांग्रेस आशू एक साथ एक मंच पर आकर आम आदमी पार्टी, भाजपा और अकाली दल को कड़ी टक्कर दे सकती है।

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