जालंधर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने इंजीनियरिंग पास युवक को 522 ग्राम हेरोइन और लग्जरी कार के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नवदीप सिंह उर्फ सोनू के रूप में हुई है। आरोपी जालंधर देहाती के थाना फिल्लौर के गांव गन्ना पिंड का रहने वाला है।
ANTF अधिकारियों ने बताया कि सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री करने वाला आरोपी जल्द अमीर बनना चाहता था। इसके चलते वह तस्करों के जाल में फंसा और हेरोइन सप्लाई करने लगा। ANTF ने बताया कि ये कार्रवाई पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत की गई है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की जालंधर रेंज को इस दौरान बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान शातिर नशा तस्कर को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई एडीजीपी निलाभ किशोर और एआईजी जगजीत सिंह सरोआ के दिशा-निर्देशों पर डीएसपी सुखविंदर सिंह के नेतृत्व में एएनटीएफ की टीम क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस ने फिल्लौर के पास स्थित होटल त्रिमोहन की पार्किंग और स्लिप रोड के पास एक सफेद रंग की ईको स्पोर्ट कार (नंबर PB-08-CP-0309) को में रोका। कार की तलाशी लेने पर पुलिस को उसमें से 522 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस
पकड़े गए आरोपी की पहचान नवदीप सिंह उर्फ सोनू पुत्र लखबीर सिंह के रूप में हुई है, जो जालंधर देहाती के थाना फिल्लौर के अंतर्गत आने वाले ग्राम गन्ना पिंड का निवासी है। एएसआई परमिंदर सिंह ने आरोपी के खिलाफ मोहाली के ए.एनटीएफ थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(c) के तहत मुकदमा नंबर 47 दर्ज कर किया गया है। नशे की लत में पड़कर आरोपी बना
एआईजी सुखदीप सिंह सरोआ पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी नवदीप सिंह ने बताया कि उसने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की हुई है। नौकरी न कर इस समय वह गांव में ही खेती-बाड़ी का काम कर रहा था, लेकिन अमीर बनने के लालच में तस्करों के जाल में फंस गया। इस बीच उसे खुद भी नशे की लत लग गई। आरोपी ने कबूल किया कि इस काम में ज्यादा कमाई होने और इसे आसान पैसा कमाने का जरिया समझकर वह खुद नशा बेचने के अवैध धंधे में उतर गया।


