जालंधर के जालंधर कुंज इलाके में पुलिस और ट्रॉली ड्राइवरों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सिख ड्राइवरों ने पुलिस मुलाजिमों पर मारपीट करने और उनकी पगड़ी उतारने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ड्यूटी पर तैनात पुलिस मुलाजिमों ने तूड़ी से लदी एक ट्रॉली को चेकिंग के लिए रोका। ट्रॉली ड्राइवर का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उससे पैसों की मांग की। जब ड्राइवर ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो पुलिस मुलाजिमों ने कथित तौर पर गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी। पगड़ी उतारने के आरोप से भड़का गुस्सा पीड़ितों का कहना है कि बहस के दौरान पुलिसवालों ने दो सिख युवकों और उनके एक साथी के साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान पुलिस पर सिख युवकों की पगड़ी उतारने का बेहद संवेदनशील आरोप लगा है। सिख समुदाय में पगड़ी के अपमान को लेकर इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल काफी गरमा गया। पुलिस वाले नशे में थे – पीड़ितों का दावा ड्राइवर और उसके साथियों ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे। जब पुलिस ने उल्टा ड्राइवरों पर नशा करने का आरोप लगाया, तो पीड़ितों ने मौके पर ही पुलिस को चुनौती दे डाली। उन्होंने मांग की कि तुरंत उनका और संबंधित पुलिस मुलाजिमों का मेडिकल टेस्ट करवाया जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। घटना के बाद इलाके में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। पीड़ितों का कहना है कि वे मेहनत-मजदूरी करने वाले लोग हैं और पुलिस उन्हें बेवजह परेशान कर रही है। फिलहाल इस पूरे मामले पर पुलिस के आला अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और इंसाफ की मांग पर अड़े हुए हैं।


