भास्कर न्यूज| जालंधर जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था एक लूपहोल (खामी) के सहारे चल रही है। हैरानी की बात है कि जालंधर से छोटे स्टेशनों पर तो पार्सल स्कैनिंग की सुविधा है, लेकिन यहां हर रोज आने वाले लगभग 150 पार्सल बिना किसी हाई-टेक जांच के ही ट्रेनों में चढ़ा दिए जाते हैं। यहां पर अभी पार्सलों की मैनुअल तरीके से जांच की जाती है, लेकिन अब स्टेशन पर पार्सल स्कैनिंग मशीन लगेगी। इसके लिए रेलवे ने मशीन लगाने को नक्शा बनाने का काम शुरू किया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, लुधियाना और अमृतसर स्टेशनों पर पार्सल स्कैनिंग मशीनें सफलता पूर्वक काम कर रही हैं, क्योंकि वहां रोजाना 500 से अधिक पार्सल आते हैं। रेलवे ने जालंधर के लिए भी टेंडर जारी किया था, लेकिन निजी एजेंसियों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। इसकी वजह थी कि जालंधर में रोजाना लगभग 150 पार्सल ही आते हैं, जिससे उनका खर्च और मुनाफा नहीं निकल पाएगा। इस वजह से किसी एजेंसी ने स्कैनिंग मशीन लगाने में रूचि नहीं दिखाई थी, अब रेलवे अधिकारियों ने अब पार्सल ऑफिस के पास स्कैनिंग मशीन लगाने के लिए जगह का चयन कर नक्शा बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मशीन लगने से न केवल अवैध सामान की तस्करी रुकेगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी पुख्ता होगी। वर्तमान में बिना स्कैनिंग के पार्सल भेजना सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा जोखिम बना हुआ है।


