जालंधर के रेनबो रोड,जीटीबी नगर और मॉडल टाउन इलाकों में दर्जनों विरासत वृक्षों की कथित अवैध कटाई को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सजावटी लाइटों और व्यावसायिक निर्माण के नाम पर काटे गए इन प्राचीन पेड़ों के मामले में नगर निगम ने संज्ञान लेते हुए दोषियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे पारिस्थितिक तंत्र की अपूरणीय क्षति बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। जालंधर के रेनबो रोड और जीटीबी नगर में निर्माणाधीन एक व्यावसायिक भवन और स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन पर आरोप है कि उन्होंने सजावटी प्रकाश व्यवस्था करने के लिए करीब 20 से अधिक प्राचीन वृक्षों को काट दिया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, ये पेड़ अब केवल छोटे ठूंठ बनकर रह गए हैं। मॉडल टाउन में सागौन पेड़ पर चली कुल्हाड़ी पेड़ काटने की एक अन्य घटना मॉडल टाउन के पुराने वृक्षारोपण क्षेत्र में सामने आई। यहां जमीन के मालिकों के निर्देश पर सागौन के दो पेड़ों को पूरी तरह काट दिया गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब केवल तने ही शेष बचे हैं, जिससे पेड़ों की पूरी तरह नष्ट हो गई है। कानूनी नियमों का उल्लंघन और कार्यकर्ताओं की मांग पर्यावरण कार्यकर्ता लक्ष्य बहल और तेजस्वी मिन्हास के नेतृत्व में हुए इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कत्लेआम बंद करो की तख्तियां लहराई गईं। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि यह कार्रवाई धारा 303 और 324,पंजाब वृक्ष संरक्षण नीति 2024 और पंजाब वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 2025 के खिलाफ है। नगर निगम की कार्रवाई और प्रदर्शनकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजस्वी मिन्हास ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रशासन ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जालंधर नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इस विरोध प्रदर्शन में डॉ. नवनीत भुल्लर, डॉ. अर्चना बेरी, मीनल वर्मा, जगदीश चंदर, वाबेक सरोया, शाहरुख और लक्ष्य बहल सहित शहर के कई प्रमुख नागरिक शामिल हुए। सभी ने एक सुर में शहर की हरियाली को बचाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की अपील की है।


